
गोड्डा, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। महागामा के ऊर्जानगर मेला देख कर लौट रही पाकुड़ जिले की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने सभी छह आरोपियों को पकड़ा और न्यायिक हिरासत में जेल भेज दी। इस मामले में कथित मास्टरमाइंड मोहम्मद अखलाक अंसारी को भी उपचार के बाद जेल भेजा गया। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है; विभिन्न संगठनों, समाजसेवियों और बुद्धिजीवियों ने आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग की है ताकि स्पीड ट्रायल के माध्यम से शीघ्र सजा दिलाई जा सके।
पुलिस के अनुसार, 21 अक्टूबर को पाकुड़ जिले की नाबालिग अपने रिश्तेदारों के साथ महागामा के ऊर्जानगर मेला देखने आई थी। मेला समाप्त होने के बाद वह रिश्तेदारों के साथ बाइक पर अपनी मौसी के घर लौट रही थी। उसी दौरान जियाजोरी नहर के पास, पूर्व नियोजित घात के रूप में आरोपितों ने उनके साथ मारपीट की, उन्हें भगाया और युवती को जबरन बाइक से उतारकर जियाजोरी पहाड़ी की ओर ले गए, जहाँ उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप है।
घटना की सूचना युवती के रिश्तेदारों ने डायल 112 पर पुलिस को दी। सूचना प्राप्त होते ही पुलिस मौके पर पहुंची, युवती को बरामद किया और घटनास्थल से एक आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही के बाद अन्य पाँच आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें मोहम्मद अखलाक अंसारी को घटना के अगले दिन पकड़ लिया गया था। उन्हें चिकित्सकीय कारणों से महागामा रेफरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था; उपचार समाप्त होते ही उन्हें भी न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। पुलिस ने पुष्टि की कि अब सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
इसी घटना के विरोध में शनिवार शाम पथरगामा में छात्राओं ने कैंडल मार्च निकाला और तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की माँग दोहराई। महागामा के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह से अपील की कि इस मामले की त्वरित सुनवाई को प्राथमिकता दी जाए और स्पीड ट्रायल के माध्यम से न्याय शीघ्रता से सुनिश्चित किया जाए।
