
जांजगीर‑चांपा, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से 27‑29 अक्टूबर तक वर्षा की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बारिश और जलभराव से निपटने के लिये कलेक्टर जन्मेजय महोबे तथा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने आज अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा‑निर्देश जारी किए गए।
प्रशासन ने विशेष रूप से शिवरीनारायण सहित महानदी और हसदेव नदी के आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को संभावित खतरे के प्रति जागरूक करने हेतु मुनीमध्यान (मुनादी) कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही शहरी निकायों और ग्राम पंचायतों को संभावित जलभराव को नियंत्रित करने हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं को लागू करने को कहा गया।
बैठक में गंगरेल और बांगो बांध से जल निकासी की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश मिला कि यदि बांधों से पानी छोड़ा जाता है तो संबंधित विभाग समय पर सूचना प्रसारित करे, ताकि नदी किनारे के बस्तियों में आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा सकें।
कलेक्टर ने डिस्ट्रिक्ट आपदा राहत बल (DDRF) को पर्याप्त संसाधन एवं तैयारियों के साथ सतर्क रहने और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया। सभी अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर निरन्तर नज़र रखने और आवश्यक पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें। विशेष रूप से नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई। बैठक में अपर कलेक्टर स्निग्धा तिवारी भी उपस्थित रहीं।
