
नई दिल्ली, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार को तीव्र बेचने की लहर ने सेंसेक्स की टॉप 10 मोस्ट वैल्यूएबल कंपनियों में से केवल दो ही अपनी कीमत को बनाए रख सकीं। बाकी आठ कंपनियों का सम्मिलित मार्केट‑कैप 1,55,671.90 करोड़ रुपये घट गया, जिससे बाजार में कुल मिलाकर लगभग 1.55 लाख करोड़ की गिरावट दर्ज हुई। इस दौर में सबसे अधिक नुकसान एचडीएफसी बैंक और बजाज फाइनेंस को हुआ, जबकि दो कंपनियों – टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और लार्सन एंड टूब्रो (एलएंडटी) – ने क्रमशः 23,517.56 करोड़ और 1,788.66 करोड़ की बढ़ोतरी के साथ अपने मार्केट‑कैप को स्थिर किया।
गिरावट का शिकार हुए कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), बजाज फाइनेंस, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) और इन्फोसिस शामिल थे। इन सभी का कुल मार्केट‑कैप घटकर 1,55,671.90 करोड़ रुपये रह गया। विशेष रूप से, एचडीएफसी बैंक का मार्केट‑कैप 55,506.95 करोड़ रुपये घटकर 10,67,121.12 करोड़ रुपये पर आ गया, जबकि बजाज फाइनेंस का मार्केट‑कैप 34,180.51 करोड़ रुपये घटकर 5,77,146.21 करोड़ रुपये हो गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट‑कैप 27,065.08 करोड़ रुपये घटकर 16,10,372.11 करोड़ रुपये रहा। एलआईसी का कैप 21,062.24 करोड़ रुपये घटकर 4,81,142.58 करोड़ रुपये हो गया। भारती एयरटेल के मार्केट‑कैप में 9,360.75 करोड़ रुपये की गिरावट के बाद वह 11,79,454.70 करोड़ रुपये पर पहुँचा। एसबीआई का कैप 4,338.46 करोड़ रुपये घटकर 8,83,384.38 करोड़ रुपये हो गया, तथा इन्फोसिस का 2,881.38 करोड़ रुपये घटकर 4,68,528.03 करोड़ रुपये रहा। आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट‑कैप 1,276.53 करोड़ रुपये घटकर 10,01,594.91 करोड़ रुपये पर रहा।
दूसरी ओर, लाभ कमाने वाली दो कंपनियों में टीसीएस ने 23,517.56 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी के बाद 9,14,652.52 करोड़ रुपये का मार्केट‑कैप हासिल किया, और एलएंडटी ने 1,788.66 करोड़ रुपये की उछाल के बाद 5,01,513.72 करोड़ रुपये तक पहुँचा। इस क्रम में रिलायंस इंडस्ट्रीज अपने 16,10,372.11 करोड़ रुपये के कैप से देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी रही, उसके बाद भारती एयरटेल (11,79,454.70 करोड़), एचडीएफसी बैंक (10,67,121.12 करोड़), आईसीआईसीआई बैंक (10,01,594.91 करोड़) और टीसीएस (9,14,652.52 करोड़) क्रमशः स्थान पर थे। एसबीआई (8,83,384.38 करोड़), बजाज फाइनेंस (5,77,146.21 करोड़), एलएंडटी (5,01,513.72 करोड़), एलआईसी (4,81,142.58 करोड़) और इन्फोसिस (4,68,528.03 करोड़) ने क्रमशः शेष शीर्ष 10 को पूर्ण किया।
