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ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, भारत पर 500% टैरिफ वाला ला रहे थे बिल


वॉशिंगटन: साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया। यह जानकारी ग्राहम के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी एक बयान में दी गई। एक्स पर जारी एक बयान में कहा गया है कि ‘सीनेटर ग्राहम का परिवार इस समय प्रार्थनाओं के लिए आभारी है और इस बेहद मुश्किल दौर में निजता बनाए रखने का अनुरोध करता है।’

आपको बता दें कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी थे और इस वक्त उस बिल को पारित करवाने की तैयारी कर रहे थे जिसमें भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान था। ये बिल रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाने को लेकर था जिसको लेकर ट्रंप प्रशासन से समझौता हो गया था। लेकिन अब उनका निधन हो गया है।

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन
एनबीसी न्यूज ने बताया है कि लिंडसे ग्राहम को शनिवार की रात उनके कैपिटल हिल निवास पर ‘कार्डियक अरेस्ट’ आया था जिसके बाद डॉक्टरों से संपर्क किया गया था। ग्राहम 9 जुलाई को ही 71 साल के हुए थे और उन्होंने इसी शुक्रवार को ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की थी और रविवार को उन्हें ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम में शामिल होना था। इसके अलावा सीनेट बजट कमिटी के चेयरमैन के तौर पर उन्होंने हाल ही में नवंबर 2026 के चुनाव में पांचवें कार्यकाल के लिए अपनी पार्टी का नॉमिनेशन हासिल किया था।

लिंडसे ग्राहम कौन थे?

लिंडसे ग्राहम अमेरिका के एक प्रमुख और वरिष्ठ राजनीतिज्ञ थे जो रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े थे। वह 2003 से लेकर जुलाई 2026 में अपने निधन तक अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन (सीनेट) में साउथ कैरोलिना राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
वह 2003 से लगातार अमेरिकी सीनेट के सदस्य रहे और बजट समिति के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया।
सीनेटर बनने से पहले वह 1995 से 2003 तक अमेरिकी संसद के निचले सदन यानि हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स के सदस्य भी रहे।
राजनीति में आने से पहले उन्होंने अमेरिकी वायु सेना में एक वकील के रूप में सेवाएं दी थीं और कर्नल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
उन्हें वाशिंगटन में एक 'हॉक' नेता माना जाता था जो एक मजबूत अमेरिकी सेना और विदेशों में अमेरिकी हस्तक्षेप जैसे इराक और अफगानिस्तान युद्ध के कड़े समर्थक थे। वे इजरायल और यूक्रेन के भी बड़े मददगार माने जाते थे।

डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने भारत को लेकर काफी सख्त रूख अख्तियार कर रखा था। वो बार बार यूक्रेन युद्ध के लिए भारत पर निशाना साध रहे थे और उन्होंने पिछले साल रूसी तेल खरीदने के लिए भारत और चीन के खिलाफ 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले बिल को लाने की घोषणा की थी। इसी हफ्ते ट्रंप प्रशासन के साथ लिंडसे ग्राहम का समझौता हुआ था और इस बिल में कुछ संशोधन किए गये थे। जल्द ही इस बिल को अमेरिकी सीनेट में पेश किया जाना है जिसे 80 से ज्यादा सीनेटर्स का समर्थन मिल गया है। लेकिन अब लिंडसे ग्राहम के निधन से इस बिल के भविष्य पर सवाल उठ गये हैं।

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