भोपाल। एआई के बिना आज किसी भी सेक्टर में काम नहीं चल सकता। मीडिया हो या कोई दूसरी इंडस्ट्री,एआई तकनीक एक को-वर्कर की तरह हमारे लिए बहुत उपयोगी साबित हो रही है। न्यूजरूम में टेक्नालाजी के कारण बहुत से बदलाव आ रहे हैं। एआई के पास डेटा है जिसके आधार पर मीडिया में न्यूज का प्लेसमेंट और प्रजेंटेशन बदल रहे हैं। लेकिन इस सबके बावजूद न्यूजरूम में सोर्स को वेरिफाई करने वाले एक्सपर्ट्स की हमेशा मांग बनी रहेगी। इन विशेषज्ञों को एआई कभी भी रिप्लेस नहीं कर सकेगी। मीडिया और कम्युनिकेशन के प्रोफेशनल्स को एआई जैसी अपडेटेड टेक्नालाजी सीखना जरूरी है। यह बात आज एमसीयू में चल रहे एआई एफडीपी में आज वरिष्ठ पत्रकार श्री जयप्रकाश पराशर ने कही।
श्री जयप्रकाश पराशर ने कहा कि मौजूदा समय में जर्नलिज्म में आटोमेटेड न्यूज रूम बन रहे हैं। खोजी पत्रकारिता में भी एआई का खूब उपयोग हो रहा है। उन्होंने कम्युनिकेशन और मीडिया के हर क्षेत्र में एआई को कार्यक्षमता बढ़ाने में मददगार बताया। कार्पोरेट कम्युनिकेशन, पीआर और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में उपयोग होने वाले विविध एआई टूल्स पर उन्होंने अपनी बात रखी।
आज पांचवे दिन एफडीपी के तकनीकी सत्र में मीडिया इनोवेशन और प्रोडक्ट मैनेजमेंट एक्सपर्ट श्री रक्षित भाटिया ने एआई, जेनेरेटिव एआई और एजेंटिक एआई के अनुप्रयोगों पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि आज हर न्यूजरूम में एआई किसी न किसी तरह काम कर रहा है। इसमें लगातार आने वाले अपडेट्स पर बात करते हुए श्री भाटिया ने कहा कि मीडिया और क्रिएटिव इंडस्ट्री में आर्टिकल लिखने से लेकर आॅडियो- वीडियो प्रोडक्शन और डेटा स्टोरी तैयार करने के काम एआई से ही हो रहे हैं।
इसी सत्र में बतौर विशेषज्ञ डिजिटल मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार श्री धनंजय ने बताया किया पत्रकारिता जैसे क्षेत्र में एआई तमाम पुरानी अवधारणाओ को बदल रहा है। उन्होंने कहा कि एआई ने कामकाज को काफी आसान बना दिया है। श्री धनंजय ने बताया कि अब न्यूज मीडिया के लिए पूरे माइक्रोड्रामा एआई से ही तैयार हो रहे हैं जिन्हें लोग बहुत पसंद भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई से काम करना आज की आवश्यकता है लेकिन तथ्यों की पड़ताल और संपादकीय विवेक की हमेशा आवश्यकता रहेगी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागों के शिक्षक उपस्थित थे। इस एफडीपी के आगामी दिनों में आयोजित सत्रों में एआई और जेनरेटिव कंटेंट, मल्टिफार्म डेटा विद पिनपाइंट, डीपफेक, सिंथेटिक मीडिया फोरेंसिक्स, एआई न्यूजरूम आर्किटेक्चर, एआई एथिक्स सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर देश के जाने-माने विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे।
