Sunday, May 31खबर जो असर करे |
Shadow

MP: उज्जैन-आगर के 11 मंदिरों का 1100 करोड़ से होगा कायाकल्प, 200 करोड़ के टेंपल बॉन्ड होंगे जारी

उज्जैन। धार्मिक नगरी उज्जैन (Religious City Ujjain) और आगर मालवा (Agar Malwa) के 11 प्रमुख मंदिरों (11 Temples) के जीर्णोद्धार और सुव्यवस्थित प्रबंधन के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। इन मंदिरों के पुनरुद्धार पर कुल 1100 करोड़ रुपये (Rs 1100 Crore) खर्च किए जाएंगे। इसमें से 200 करोड़ रुपये जुटाने के लिए पहली बार टेंपल बॉन्ड जारी किए जाएंगे।


यह जानकारी संभागायुक्त आशीष सिंह ने अधिकारियों के साथ हुई बैठक में दी। उन्होंने निर्देश दिए कि बॉन्ड जारी करने की पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी कर ली जाए, ताकि 31 जुलाई तक टेंपल बॉन्ड लॉन्च किए जा सकें।


योजना में शामिल प्रमुख मंदिर
इस योजना के तहत कुल 11 मंदिरों का जीर्णोद्धार और व्यवस्थित संचालन किया जाएगा। इनमें प्रमुख रूप से बाबा कालभैरव मंदिर (उज्जैन के कोतवाल और तंत्र साधना का प्रमुख केंद्र), श्री मंगलनाथ मंदिर (मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाने वाला पौराणिक मंदिर) व श्री सांदीपनि आश्रम (भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा स्थली) हैं।


वहीं, नवग्रह मंदिर, 84 महादेव मंदिर श्रृंखला, श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर, मां भूखी माता मंदिर, मां गढ़कालिका मंदिर, श्री सिद्धवट मंदिर, मां बगलामुखी, माता मंदिर (आगर मालवा) अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं।


1100 करोड़ रुपये की योजना
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और मंदिरों के प्राचीन स्वरूप को संरक्षित रखते हुए आधुनिक विकास कार्यों के लिए 1100 करोड़ रुपये की कार्ययोजना तैयार की गई है। यह राशि तीन स्रोतों से जुटाई जाएगी।
– टेंपल बॉन्ड: 200 करोड़ रुपये
– अर्बन चैलेंज फंड: 275 करोड़ रुपये
– बैंक फंडिंग: 625 करोड़ रुपये

संभागायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य दर्शन व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाना है। इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


बैठक में शामिल हुए अधिकारी
मंदिरों के प्रबंधन और पुनरुद्धार को लेकर हुई बैठक में उज्जैन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह भौतिक रूप से उपस्थित रहे, जबकि आगर मालवा कलेक्टर प्रीति यादव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुईं। बैठक में नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, श्री महाकाल मंदिर के प्रशासक प्रथम कौशिक, यूडीए सीईओ संदीप सोनी सहित मंदिर प्रबंधन और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


क्या है टेंपल बॉन्ड?
टेंपल बॉन्ड एक वित्तीय साधन है, जिसके माध्यम से आम नागरिक और संस्थाएं मंदिरों के विकास कार्यों में निवेश कर सकेंगी। निवेशकों को निर्धारित अवधि पूरी होने पर ब्याज सहित राशि वापस मिलेगी। प्रशासन का मानना है कि इससे धार्मिक आस्था और विकास को एक साथ जोड़ा जा सकेगा। उज्जैन में इस तरह का यह पहला प्रयोग होगा। मध्य प्रदेश में भी इसे एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


संभागायुक्त के सख्त निर्देश
संभागायुक्त आशीष सिंह ने बैठक में समय-सीमा को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टेंपल बॉन्ड से जुड़ी सभी कानूनी, वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाएं 15 जुलाई तक हर हाल में पूरी कर ली जाएं, ताकि 31 जुलाई तक बॉन्ड लॉन्च किए जा सकें। उन्होंने पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह को नोडल अधिकारी बनाकर दैनिक मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


क्यों पड़ी जरूरत?
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में धार्मिक पर्यटन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में कई गुना वृद्धि हुई है। हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन और आगर मालवा के इन प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।


हालांकि, कई मंदिरों में अभी भी आधारभूत सुविधाओं की कमी है। जीर्ण-शीर्ण संरचनाएं, संकरे रास्ते, पार्किंग की समस्या और भीड़ प्रबंधन जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से मंदिरों का वैभव बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *