जाति जनगणना: आंकड़ों की शुद्धता पर फोकस….इन 2 विकल्पों पर विचार कर रही सरकार
नई दिल्ली। देशभर में आबादी की गणना (Population count) के चरण में अब महज छह महीने का समय शेष बचा है। ऐसे में भारत (India) के महारजिस्ट्रार और जनगणना आयुक्त (Registrar General and Census Commissioner+ RGI) का कार्यालय जातिगत जनगणना (Caste Census) कराने की सटीक कार्यप्रणाली और पद्धति को लेकर गहन मंथन में जुटा हुआ है। आगामी जनगणना में जातिगत आंकड़ों को भी शामिल किया जाना है, लेकिन इसे किस प्रकार दर्ज किया जाए इसको लेकर सरकार के सामने कई प्रशासनिक और नीतिगत चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस समय गृह मंत्रालय और आरजीआई के सामने दो प्रमुख विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहला ओपन-एंडेड फॉर्मेट, जिसके तहत नागरिकों को खुद अपनी जाति बताने और दर्ज कराने की छूट होगी। दूसरा ड्रॉप-डाउन मेन्यू, जिसके तहत केवल पहले से मान्यता प्राप्त और अधिसूचित जातियों की एक तय सूची में से ही चयन करने क...









