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Day: November 4, 2025

अगले साल रिलीज होगी आलिया भट्ट की एक्शन थ्रिलर ‘अल्फा’, इस फिल्म के साथ होगा क्लैश

अगले साल रिलीज होगी आलिया भट्ट की एक्शन थ्रिलर ‘अल्फा’, इस फिल्म के साथ होगा क्लैश

मनोरंजन
मुंबई। स्पाई यूनिवर्स की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘अल्फा’ की रिलीज डेट बदल दी गई है। पहले ये फिल्म 25 दिसंबर के दिन सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे अगले साल रिलीज करने का फैसला लिया है। उनका कहना कि उन्हें वीएफएक्स (VFX) में समय लग रहा है इसलिए वे इस फिल्म को इस साल रिलीज नहीं कर पाएंगे।फिल्म की रिलीज डेट यशराज फिल्म्स के मुताबिक, फिल्म ‘अल्फा’ अब अगले साल 17 अप्रैल के दिन रिलीज होगी। इस फिल्म में आलिया भट्ट के साथ शरवरी वाघ लीड रोल में नजर आएंगी। इनके अलावा, अनिल कपूर और बॉबी देओल भी फिल्म में दमदार एक्शन और स्टंट्स करते दिखाई देंगे। इस फिल्म को डायरेक्टर शिव रवैल डायरेक्ट कर रहे हैं। वहीं आदित्य चोपड़ा इसे प्रोड्यूस कर रहे हैं।इस फिल्म के साथ होगा क्लैश जहां ‘अल्फा’ 17 अप्रैल के दिन रिलीज होगी। वहीं अनन्या पांडे की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ 10 अप्रैल के दिन आएगी। इस...
आलिया भट्ट की इस हिट फिल्म के लिए शाहरुख-प्रियंका थे पहली पसंद?

आलिया भट्ट की इस हिट फिल्म के लिए शाहरुख-प्रियंका थे पहली पसंद?

मनोरंजन
मुंबई। आलिया भट्ट और अर्जुन कपूर की फिल्म '2 स्टेट्स' को ऑडियंस से जबरदस्त रिएक्शन मिला था। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की। दोनों की जोड़ी हिट। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फिल्म के लिए आलिया और अर्जुन से पहले शाहरुख खान और प्रियंका चोपड़ा मेकर्स की पंसद थे। इस बारे में 2 स्टेट्स नाम की किताब लिख चुके खुद चेतन भगत ने बताया है। चेतन ने बताया कि वो शुरुआत में आलिया और अर्जुन की कास्टिंग से भी खुश नहीं थे। जब विशाल भारद्वाज बनाने वाले थे फिल्मचेतन भगत, बेस्टसेलर 'फाइव पॉइंट समवन' और 'द 3 मिस्टेक्स ऑफ माई लाइफ' जैसी सफल किताबें लिख चुके हैं। हाल में उन्होंने अपनी सबसे पसंदीदा किताब '2 स्टेट्स' पर बनी फिल्म के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में कई बड़े बदलाव हुए थे, खासकर लीड कास्टिंग को लेकर। इंटरव्यू में चेतन भगत ने बताया कि एक समय ऐसा था जब मशहूर डायरेक्टर विशाल भारद...
अमाल के पिता डब्बू मलिक बोले- मुझे जिंदगी में कभी ऐसी भाषा नहीं सुननी….

अमाल के पिता डब्बू मलिक बोले- मुझे जिंदगी में कभी ऐसी भाषा नहीं सुननी….

मनोरंजन
मुंबई। बिग बॉस 19 में नजर आ रहे म्यूज़िशियन अमाल मलिक अपने गुस्से और कंटेस्टेंट्स को गाली देने जैसे रवैए को लेकर सुर्खियों बने रहते हैं। उनके पिता सिंगर डब्बू मलिक कई बार बेटे के समर्थन में सामने आए हैं। अब एक बार फिर उन्होंने अमाल के व्यवहार का बचाव किया है। डब्बू का कहना है कि शो के चलते जिस तरह की नेगेटिविटी और अभद्र भाषा उनके परिवार के लिए इस्तेमाल की जा रही है, वो उन्हें अंदर से तोड़ रही है। उन्होंने बताया कि लोग अब उनकी परवरिश पर सवाल उठा रहे हैं। डब्बू मलिक ने स्क्रीन से बातचीत में कहा, “सबसे ज्यादा तकलीफ इस निगेटिव माहौल से हो रही है। हमने कभी खुद को स्टार नहीं समझा, हम तो सामान्य म्यूज़िशियन हैं। लेकिन बिग बॉस की पावर इतनी बड़ी है कि अचानक बहुत कुछ बदल गया। मुझे जिंदगी में कभी ऐसी भाषा नहीं सुननी पड़ी। इस उम्र में मैं ऐसे अपशब्द नहीं झेल सकता।”शो का माहौल बनाता है दबाव उन्हो...
दुनिया के टॉप 10 देश जो हैं सबसे सूखाग्रस्त, सभी मुस्लिम बहुल देश

दुनिया के टॉप 10 देश जो हैं सबसे सूखाग्रस्त, सभी मुस्लिम बहुल देश

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नई दिल्‍ली। अरब प्रायद्रीप और सहारा मरुस्थल के करीब बसे अधिकांश मुस्लिम देश दुनिया के सबसे कम वर्षा प्राप्त करने वाले देशों में शुमार हैं। इसकी वजह उनकी भौगोलिक स्थिति है। उप- उष्णकटिबंधीय (Sub Tropical) स्थिति के कारण उन इलाकों में सालों भर उच्च तापमान रहता है। इतना ही नहीं इन देशों में लोग तेज धूप, लंबवत किरणें, और बिना बारिश वाली गर्मियां झेलने को मजबूर हैं। बारिश के मौसम में अगर यहां बारिश होती भी है तो वह बहुत कम मात्रा में होती है और अल्प अवधि के लिए होती है। ऐसे देशों में मिस्र, सऊदी अरब और लीबिया जैसे देश शामिल हैं। अगर कभी यहां बारिश होती है तो सऊदी अरब में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है क्योंकि उस समय मॉनसूनी स्ट्रीम तेज बारिश वाली घाटियों से होकर गुजरती है। इससे वहां अचानक बाढ़ आ जाती है और पानी बह जाता है। सऊदी अरब और जॉर्डन में अक्सर ऐसी ही होता है। समतल मैदान और हव...
ट्रंप के एक फैसले से हांफने लगीं चीनी कंपनियां, रूस से है सीधा संबंध

ट्रंप के एक फैसले से हांफने लगीं चीनी कंपनियां, रूस से है सीधा संबंध

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मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फैसले ने चीन की तेल कंपनियों को गहरी चोट पहुंचाई है, जिससे वे खरीदारों के अभाव में त्रस्त हो रही हैं। दरअसल, अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा मॉस्को के प्रमुख तेल उत्पादकों तथा उनके कुछ खरीदारों को ब्लैकलिस्ट में डालने के बाद, चीनी रिफाइनरियां रूसी तेल के शिपमेंट से दूरी बना रही हैं। यही कारण है कि अब उन्हें ग्राहक नहीं मिल पा रहे हैं, और इसका मुख्य कारण अमेरिकी प्रतिबंधों को माना जा रहा है। व्यापारियों के मुताबिक, सिनोपेक और पेट्रोचाइना जैसी सरकारी स्वामित्व वाली बड़ी कंपनियां पिछले महीने रोसनेफ्ट पीजेएससी तथा लुकोइल पीजेएससी पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते कुछ रूसी कार्गो रद्द करने के बाद इस कारोबार से पूरी तरह हट चुकी हैं। वहीं, छोटी निजी रिफाइनरियां, जिन्हें 'टीपॉट्स' कहा जाता है, भी डर के मारे ठप हो गई हैं, क्योंकि वे नहीं चाहती कि...
चीन दिखा रहा था आंख, ताइवान ने जापान संग मीटिंग कर दिया करारा संदेश

चीन दिखा रहा था आंख, ताइवान ने जापान संग मीटिंग कर दिया करारा संदेश

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वीजिंग। चीन की बढ़ती कूटनीतिक आक्रामकता के संदर्भ में ताइवान ने सख्त रुख अपनाया है। ताइवान के विदेश मंत्रालय (एमओएफए) ने जोर देकर कहा कि ताइवान एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है, जो चीन के नियंत्रण में नहीं है। ताइवान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह बयान जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा और ताइवान के एपीईसी प्रतिनिधि लिन जियान-ई के बीच हुई संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण बैठक के विरुद्ध चीन के विरोध के बाद आया। मंत्रालय ने बीजिंग के ताइवान पर किए जाने वाले निराधार दावों की कड़ी निंदा की और स्पष्ट किया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) ने कभी इस द्वीप पर शासन नहीं किया। मंत्रालय ने चीन द्वारा विवादास्पद 'एक चीन' सिद्धांत का दुरुपयोग कर ताइवान-जापान के सामान्य राजनयिक आदान-प्रदान में बाधा डालने की आलोचना की। ताइवान न्यूज के मुताबिक, मंत्रालय ने कहा कि APEC का पूर्ण सदस्य होने के नाते, ताइव...
रूस और यूक्रेन युद्ध थमने के आसार नहीं…. जेलेंस्की तलाश रहे कमाई के नए रास्ते

रूस और यूक्रेन युद्ध थमने के आसार नहीं…. जेलेंस्की तलाश रहे कमाई के नए रास्ते

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कीव। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध (Russia and Ukraine War) और लंबा खिंचता हुआ नजर आ रहा है। इसी बीच अब यूक्रेन (Ukraine) भी इस युद्ध में अपने पैर मजबूत करने के लिए दूसरे देशों से मिलने वाली मदद के बजाय खुद से कमाई करने के रास्ते खोज रहा है। पिछले तीन सालों में अपने देश में रक्षा उद्योग को बड़े स्तर पर तैयार कर चुका यूक्रेन अब यहां से निर्यात की संभावना तलाश रहा है, जिससे यह उद्योग उसकी सैन्य शक्ति के साथ-साथ आर्थिक शक्ति को भी बढ़ा सकें। राष्ट्रपति जेलेंस्की (President Zelensky) ने सोमवार को ऐलान किया कि बर्लिन और कोपेनहेगन में यूक्रेन अपने कार्यालय खोलेगा। इसके तहत हथियारों के निर्यात और उन देशों में इनके संयुक्त निर्माण पर चर्चा होगी। यूक्रेनी सरकार के मुताबिक इस कदम का उद्देश्य यूक्रेन को एक सहायता प्राप्त करने वाले देश से हाईटेक हथियारों का निर्यात करने वाले देश के रूप में बदलना है। ...
अमेरिका ने अंग्रेजी में फेल होने के कारण 7000 ट्रक ड्राइवरों को नौकरी से निकाला

अमेरिका ने अंग्रेजी में फेल होने के कारण 7000 ट्रक ड्राइवरों को नौकरी से निकाला

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वाशिंगटन। अमेरिका (America) में पिछले कुछ दिनों में ट्रकों के जरिए हुई दुर्घटनाओं में प्रवासियों से जुड़े मामले सामने आने के बाद ट्रक ड्राइवरों (Truck drivers) की नौकरी के ऊपर गाज गिरनी शुरू हो गई है। अमेरिकी परिवहन विभाग (US Department of Transportation) के सचिव सीन डफी ने बताया कि इस साल अंग्रेजी दक्षता में असफल हो जाने की वजह से करीब 7000 ट्रक ड्राइवर्स को नौकरी से निकाल दिया गया है। विभाग के इस कदम से सबसे ज्यादा भारतीय मूल के नागरिक प्रभावित होंगे। यहां पर लाखों की संख्या में सिख अमेरिकी ट्रकिंग उद्योग में काम करते हैं, जिसमें से 90 फीसदी लोग ड्राइवर हैं। उत्तरी अमेरिकी पंजाबी ट्रकर्स एसोसिएशन के अनुसार, अमेरिका में करीब 1.3 से लेकर 1.5 लाख ट्रक ड्राइवर पंजाब और हरियाणा से संबंध रखते हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सरकार के इस फैसले के बाद हजारों की संख्या में ट्रक चालक प्रभावित...
जरा सी भी गड़बड़ी हुई तो रद्द होगी अडानी पावर डील… बांग्लादेश सरकार की दो टूक

जरा सी भी गड़बड़ी हुई तो रद्द होगी अडानी पावर डील… बांग्लादेश सरकार की दो टूक

राष्ट्रीय
ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) की मुहम्मद युनूस (Muhammad Yunus) की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार (Interim Government) ने साफ कहा है कि अगर भारत (India) की अडानी कंपनी (Adani Company) के साथ हुए साल 2017 के बिजली समझौते में किसी तरह की गड़बड़ी या भ्रष्टाचार का सबूत मिलता है, तो वे इस करार को रद्द करने से पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, राष्ट्रीय समीक्षा समिति के एक सदस्य मुश्ताक हुसैन खान ने एक अहम बात कही है। उन्होंने कहा कि क्योंकि यह एक 'सॉवरेन कॉन्ट्रैक्ट' (दो देशों के बीच समझौता) है, इसलिए इसे मनमाने ढंग से खत्म नहीं किया जा सकता। ऐसे समझौतों को रद्द करने से बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालतों से भारी जुर्माना भरना पड़ सकता है। रिपोर्ट में बड़े आरोपयह बात एक ऐसी रिपोर्ट के सामने आने के बाद कही गई है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र में "बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार" और "शासन में बड़ी विफलता" का द...
बीमाधारकों से साइबर ठगी रोकने के लिए लागू होंगे नए नियम, दिशा-निर्देश जारी

बीमाधारकों से साइबर ठगी रोकने के लिए लागू होंगे नए नियम, दिशा-निर्देश जारी

राष्ट्रीय
नई दिल्ली। बीमाधारकों (Insured Persons) को किसी भी तरह की धोखाधड़ी या साइबर ठगी (Fraud or Cyber Fraud) से बचाने के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी है। इसके लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) (Insurance Regulatory and Development Authority of India - IRDAI) ने ‘बीमा धोखाधड़ी निगरानी रूपरेखा दिशानिर्देश-2025 जारी किए हैं। इसके तहत हर बीमा कंपनी को हर स्तर पर पुख्ता इंतजाम करने होंगे। नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। जालसाजों का डाटाबेस तैयार होगानियमों के अनुसार, कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी तरह की धोखाधड़ी, चाहे वह ऑनलाइन हो, एजेंटों के जरिए हो या पॉलिसीधारक की ओर से, उसकी तुरंत रिपोर्ट की जाए। कंपनियों के लिए यह भी अनिवार्य कर दिया गया है कि वे सभी धोखाधड़ी मामलों की जानकारी बीमा सूचना ब्यूरो के साथ साझा करें ताकि उसका एकसमान डाटाबेस तैयार हो सके। ...