घुसपैठ का गहराता संकट, ग्वालियर की घटना से बड़ा सबक लेने की जरूरत
डॉ. मयंक चतुर्वेदी
मध्यप्रदेश के ग्वालियर से हाल ही में सामने आया बांग्लादेशी नागरिकों का मामला एक पुलिस कार्रवाई भर नहीं है; यह भारत की आंतरिक सुरक्षा, जनसंख्या संतुलन और प्रशासनिक चौकसी पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। महाराजपुरा एयरबेस जैसे संवेदनशील क्षेत्र के पास बिना वैध दस्तावेजों के बारह वर्षों तक आठ बांग्लादेशी नागरिकों का रहना इस ओर संकेत करता है कि अवैध विदेशी घुसपैठ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रही, अब यह देश के भीतर गहराई तक फैल चुकी है।
गुजरात में सबसे बड़ी कार्रवाई अप्रैल 2025 में हुई, जब सूरत और अहमदाबाद से हजारों संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने पाया कि ये लोग वर्षों से फर्जी पहचान पत्रों और किरायेदारी के आधार पर रह रहे थे। हरियाणा के गुरुग्राम में भी सैकड़ों अवैध घुसपैठियों को पकड़ा गया, जिनमें बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे। ...



