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हरियाणा में पराली जलाने पर अध्ययन: 80 % किसान पराली नहीं जलाना चाहते, पर 62 % मुफ्त में दे रहे हैं

हरियाणा में पराली जलाने पर अध्ययन: 80 % किसान पराली नहीं जलाना चाहते, पर 62 % मुफ्त में दे रहे हैं

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नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सीईईडब्ल्यू द्वारा किए गए एक नवीन अध्ययन में पाया गया कि हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच जनवरी से मार्च 2026 के दौरान पराली का प्रबंधन कैसे किया जाता है, इसका सर्वेक्षण किया गया। अध्ययन के निष्कर्ष गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित चर्चा में जारी किये गये। उसी साथ, पंजाब के संगरूर और पटियाला जिलों में सैटेलाइट छवियों के आधार पर पराली जलाने की घटनाओं पर भी एक अलग शोध प्रकाशित किया गया। पराली के प्रबंधन के तीन मुख्य तरीके अपनाने वाले किसान अध्ययन के अनुसार, हरियाणा के किसान पराली को मुख्य रूप से तीन तरीकों से प्रबंधित करते हैं। 39 % किसान पराली को पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38 % किसान इसकी गांठें बनवाते हैं, तथा 32 % किसान सुपर सीडर जैसी मशीनों से फसल अवशेष को मिट्टी में मिलाते हैं। कई किसान एक से अधिक तरीको...
हरियाणा के किसान 2026 में पराली जलाने से बचेंगे पर भुगतान में कमी

हरियाणा के किसान 2026 में पराली जलाने से बचेंगे पर भुगतान में कमी

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हरियाणा में धान की पराली का प्रबंधन करने वाले पाँच में से चार किसान 2026 में भी पराली जलाने के विकल्प से दूर रहने के इच्छुक हैं, परंतु पराली के लिए भुगतान पाने वाले किसानों का प्रतिशत अभी भी केवल 7% है। सीईईडब्ल्यू (काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरमेंट एंड वाटर) द्वारा जनवरी‑मार्च 2026 के दौरान 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों का सर्वेक्षण किया गया, जिसके परिणाम गुरुवार को दिल्ली में एक परिचर्चा में जारी किए गए। उसी समय पंजाब में सैटेलाइट इमेजरी का उपयोग करके पराली जलाने के मामलों पर आधारित दूसरा अध्ययन भी प्रकाशित हुआ। पराली प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीके: सर्वेक्षण में पाया गया कि 39% किसान पराली को पशु चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38% इसे गांठें बना कर बेचते हैं, जबकि 32% सुपर‑सीडर जैसी मशीनों से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिला देते हैं। कई किस...
हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: 80 % किसान पराली जलाना नहीं चाहते

हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: 80 % किसान पराली जलाना नहीं चाहते

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) द्वारा जारी एक नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 के जनवरी से मार्च तक हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच एक सर्वेक्षण किया गया। इस अध्ययन के अनुसार, पांच में से चार (लगभग 80 %) किसान पराली को जलाने के बजाय अन्य तरीकों को चुनने को तैयार हैं। पराली की गांठें बनवाने वाले किसानों में से केवल सात प्रतिशत को खरीदारों से भुगतान मिलता है, जबकि लगभग 62 % किसान पराली को बिना किसी मूल्य के दे देते हैं। लगभग 31 % किसानों को अपने खेत साफ़ कराने के लिये प्रति एकड़ लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पराली प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीके हैं: 39 % किसान पराली को पशु चारे के रूप में उपयोग करते हैं, 38 % इसे गांठें बनवाते हैं, और 32 % सुपर सीडर जैसी मशीनों से खेत में मिलाते हैं। कई...
हरियाणा किसान पराली प्रबंधन में बदलाव, 80% नहीं जलाएँगे, 7% को मिले भुगतान

हरियाणा किसान पराली प्रबंधन में बदलाव, 80% नहीं जलाएँगे, 7% को मिले भुगतान

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सीईईडब्ल्यू ने हाल ही में हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों पर जनवरी‑मार्च 2026 के दौरान सर्वेक्षण किया। अध्ययन के मुताबिक, इस क्षेत्र के 80 प्रतिशत किसान पराली को जलाने से परहेज करने को तैयार हैं, जबकि केवल 7 प्रतिशत को ही पराली की गांठें बनाने वाले खरीदारों से भुगतान मिल रहा है। 62 प्रतिशत किसान पराली को निःशुल्क दे रहे हैं और 31 प्रतिशत को खेत साफ़ कराने के लिये प्रति एकड़ लगभग 1,000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। किसान पराली के प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीकों का चयन कर रहे हैं: 39 प्रतिशत इसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38 प्रतिशत इसे गांठों के रूप में बनवाते हैं, और 32 प्रतिशत सुपर‑सीडर जैसी मशीनों के द्वारा अवशेषों को मिट्टी में मिला देते हैं। अधिकांश किसान (80 प्रतिशत) 2026 में भी इन तरीकों को जारी रखने का इरादा रखत...
ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल, संधू और विवेक जोशी के चयन को भी चुनौती

ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल, संधू और विवेक जोशी के चयन को भी चुनौती

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी की नियुक्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर सवाल उठाए गए हैं। बुधवार को शीर्ष अदालत में दाखिल अर्जी में आरोप लगाया गया कि नियुक्तियों के दौरान चयन समिति ने उम्मीदवारों के चुनाव कराने के अनुभव और ईमानदारी के मानकों का ठोस मूल्यांकन नहीं किया। याचिकाकर्ता ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर रखने और अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति मांगी है। नियुक्ति प्रक्रिया में मूल्यांकन पर सवाल यह अर्जी ज्ञानेश कुमार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और डॉ. सुखबीर सिंह संधू तथा डॉ. विवेक जोशी को निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका में दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता सूरी पायला ने आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में इस बात ...
प्रयागराज में जमीन के नीचे ड्रमों में मिले करोड़ों रुपये, पुलिस ने मकान घेरा

प्रयागराज में जमीन के नीचे ड्रमों में मिले करोड़ों रुपये, पुलिस ने मकान घेरा

पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में पुलिस ने एक मकान के अंदर जमीन में दबाकर रखे गए ड्रमों से करोड़ों रुपये बरामद किए हैं। ड्रमों में नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। बुधवार रात हुई कार्रवाई के दौरान देर रात तक करीब चार करोड़ रुपये की गिनती की जा चुकी थी। सूत्रों के अनुसार, बरामद रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गिनती पूरी होने के बाद ही कुल राशि की पुष्टि हो सकेगी। मामला बरईपुर रामनगर का है। पुलिस ने मकान को चारों तरफ से घेरकर कार्रवाई की और एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसकी निशानदेही पर जमीन की खुदाई कराई गई, जहां एक के बाद एक कई ड्रमों से नोटों की गड्डियां निकलीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने नोटों की गिनती के लिए संबंधित विभाग की टीम को भी मौके पर बुलाया। देर रात तक पुलिस की जांच और पूछताछ जारी थी। वरिष्...
कच्चे तेल के बढ़ते दाम और कमजोर मानसून.. भारत के सामने दोहरी चुनौती.. आम आदमी पर पड़ेगी महंगाई की मार!

कच्चे तेल के बढ़ते दाम और कमजोर मानसून.. भारत के सामने दोहरी चुनौती.. आम आदमी पर पड़ेगी महंगाई की मार!

आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) की अर्थव्यवस्था (Economy) के सामने इस समय दो बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं। पहली अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में कच्चे तेल (Crude oil) की बढ़ती कीमतें (Rising Prices) और दूसरी मानसून के कमजोर रहने से पैदा हुआ सूखे का खतरा। ये दोनों समस्याएं अलग-अलग जरूर हैं, लेकिन जब एक साथ सामने आती हैं, तो इनका असर देश की अर्थव्यवस्था से लेकर आम आदमी की रसोई तक दिखाई दे सकता है। महंगा कच्चा तेल देश के आयात बिल को बढ़ाता है और परिवहन से लेकर खेती तक की लागत पर दबाव डालता है। वहीं, बारिश की कमी से फसलों की पैदावार प्रभावित होने, किसानों की आमदनी घटने और खाने-पीने की चीजों के महंगे होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि भारत के लिए चिंता की बात ज्यादा क्या है? महंगा कच्चा तेल, सूखा या फिर इन दोनों का एक साथ असर? आर्थिक आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ होता है कि अ...
आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का तांडव… 5 की मौत, हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद, CM ने किया राहत का ऐलान

आंध्र प्रदेश में चक्रवात अर्नब का तांडव… 5 की मौत, हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद, CM ने किया राहत का ऐलान

राज्य, राष्ट्रीय
विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में चक्रवात अर्नब (Cyclone Arnab) ने भारी तबाही मचाई है। बुधवार तड़के राज्य के तटीय इलाकों से गुजरे इस भीषण चक्रवाती तूफान (Cyclonic storm) के कारण पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि फसलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू (Chief Minister N. Chandrababu Naidu) ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है। राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नायडू ने बुधवार शाम राज्य सचिवालय स्थित रियल टाइम गवर्नेंस सिस्टम (आरटीजीएस) केंद्र में हालात की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों को बताया कि तूफान के कारण कई जिलों में जान-माल का नुकसान हुआ है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, राज्य में करीब 15 हजार बिजली के खंभे उखड़ ग...
MP: कूनो में 19 माह के चीते की गोली लगने से हुई मौत….. जांच के लिए केंद्र ने भेजी उच्च स्तरीय टीम

MP: कूनो में 19 माह के चीते की गोली लगने से हुई मौत….. जांच के लिए केंद्र ने भेजी उच्च स्तरीय टीम

मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जंगलों में क्या दुनिया के सबसे तेज दौड़ने वाले जानवर भी सुरक्षित नहीं हैं. कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से जुड़े 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत ने इस सवाल को गंभीर बना दिया है. चीते के शरीर से एक-दो नहीं, बल्कि पांच गोली के छर्रे निकाले गए. उसे बचाने के लिए इलाज किया गया, विशेषज्ञों की मदद ली गई और सर्जरी भी हुई, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई. अब इस घटना की जांच के लिए मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने विशेष कार्यबल यानी एसटीएफ गठित की है. वहीं केंद्र सरकार ने भी उच्चस्तरीय टीम को जांच के लिए मध्य प्रदेश भेजा है. यह घटना सिर्फ एक चीते की मौत तक सीमित नहीं है. इसने भारत में चीतों को फिर से बसाने के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह है कि जिस पर...
MP से भाजपा ने हरदीप पुरी को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार तो भड़की कांग्रेस…. की आलोचना

MP से भाजपा ने हरदीप पुरी को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार तो भड़की कांग्रेस…. की आलोचना

पॉलिटिक्स, मध्य प्रदेश, राज्य, राष्ट्रीय
भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में राज्यसभा (Rajya Sabha) की एक सीट पर 12 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) को उम्मीदवार घोषित किया है। प्रत्याशी के रूप में पुरी के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर जबरदस्त तरीके से हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) से लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं अन्य कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले के लिए भाजपा की कड़ी आलोचना की है और पूछा है कि आखिर पुरी ने भाजपा की ऐसी कौन सी नस दबा रखी है, जिसके चलते पार्टी को ब्लैकमेल होना पड़ रहा है। इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में पुरी का नाम सामने आने का उल्लेख किया और भाजपा से पूछा कि नैतिकता की बात करने...