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Tag: संस्कृति

हमारी सांस्कृतिक कलाएं और परंपराएं जीवन में भर देती हैं उत्साह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

हमारी सांस्कृतिक कलाएं और परंपराएं जीवन में भर देती हैं उत्साह : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राष्ट्रीय
भोपाल, 17 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विविधतापूर्ण भारतीय संस्कृति, विशेषकर दक्षिण की परम्पराएँ, सभी को रोमांचित करती हैं और हमारी सांस्कृतिक कलाएं व परंपराएं जीवन में उत्साह व उमंग का संचार करती हैं। शुक्रवार देर शाम, आंध्र प्रदेश प्रवास के दौरान विजयवाड़ा उत्सव में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री यादव ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्हें आंध्र प्रदेश सरकार और टूरिज्म विभाग की ओर से गर्मजोशी भरा स्वागत मिला। कार्यक्रम का मुख्य थीम “दक्षिण का वैभव” था, जहाँ विभिन्न कलात्मक समूहों ने मनोहारी नृत्य प्रस्तुतियाँ दीं। मुख्यमंत्री ने माँ कनक दुर्गा व भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी के चरणों में नमन किया और कहा, “विजयवाड़ा उत्सव का यह द्वितीय वर्ष है, नवरात्रि का पर्व चल रहा है। माँ दुर्गा हमें सुख‑समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं और आज भगवान इंद्र भी इस...
मप्र में पहली बार होगा भारतीय सेना का राष्ट्रीय समारोह, भोपाल में 15 जनवरी को दिखेगी सैन्य ताकत

मप्र में पहली बार होगा भारतीय सेना का राष्ट्रीय समारोह, भोपाल में 15 जनवरी को दिखेगी सैन्य ताकत

राष्ट्रीय
भोपाल, 15 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार भोपाल में 15 जनवरी 2027 को भारतीय सेना का राष्ट्रीय स्तर का गौरवशाली आयोजन आयोजित होगा, जो प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि और गर्व का अवसर माना गया है। बीएचईएल क्षेत्र में भव्य परेड, जंबूरी मैदान में अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन और बड़े तालाब पर इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले के माध्यम से सेना का शौर्य व सामर्थ्य जनता के सामने रखा जाएगा। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि यह समारोह देश के वीर सैनिकों के अदम्य साहस, शौर्य, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उनके अटूट समर्पण को करीब से जानने का अवसर देगा। साथ ही यह नागरिकों में राष्ट्रभक्ति, सैन्य सेवाओं के प्रति सम्मान और देश की सुरक्षा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करेगा। सारंग ने गुरुवार को टीटी नगर स्टेडियम स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में एक ...
75‑दिवसीय रियासत‑कालीन बस्तर दशहरा में नहीं होता रावण पुतले का दहन

75‑दिवसीय रियासत‑कालीन बस्तर दशहरा में नहीं होता रावण पुतले का दहन

छत्तीसगढ़, राज्य
जगदलपुर, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। हाल ही में बताया गया कि रियासत‑कालीन बस्तर दशहरा में राम‑रावण की कथा से कोई संबंध नहीं है। इस पारम्परिक महोत्सव में रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाता. इसके बजाय बस्तर की पूजनीय मां दंतेश्वरी सहित बस्तर संभाग की देवी‑देवताओं की पूजा‑अर्चना को 13 दिनों तक निरंतर जारी रखा जाता है। यह समारोह स्थानीय जनमानस में धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।...
उज्जैन: तड़के 4 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट, पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म आरती का आयोजन

उज्जैन: तड़के 4 बजे खुले महाकाल मंदिर के पट, पंचामृत अभिषेक के बाद भस्म आरती का आयोजन

मध्य प्रदेश, राज्य
उज्जैन, 12 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर ने रविवार की पूर्वभोर में विशेष समारोह आयोजित किया। लगभग सुबह 4 बजे मंदिर के पट का द्वार खुलते ही भस्म आरती का आरम्भ हुआ। पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया और उन्हें पंचामृत अभिषेक से सम्मानित किया। अभिषेक के बाद मंदिर के परिसर में भस्म का वितरण किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शुद्धि का अनुभव हुआ। यह आयोजन स्थानीय भक्तों और पर्यटकों ने बड़े उत्साह के साथ देखा, और सामाजिक‑धार्मिक माहौल में नई ऊर्जा का संचार हुआ।...
राजिम कुंभ (कल्प): श्रद्धालुओं के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल का आमंत्रण

राजिम कुंभ (कल्प): श्रद्धालुओं के लिए मंत्री राजेश अग्रवाल का आमंत्रण

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 01 फरवरी (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ की पावन धरती एक बार फिर आस्था और अध्यात्म के महासंगम का साक्षी बनने जा रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों सहित देशभर के श्रद्धालुओं को राजिम कुंभ (कल्प) में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ की पहचान, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार के साथ राजिम पहुँचकर इस दिव्य महापर्व के साक्षी बनें। यह दिव्य एवं भव्य आयोजन एक फरवरी से 15 फरवरी (माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि) तक आयोजित होगा। महानदी, पैरी और सोंढूर नदियों के पवित्र त्रिवेणी संगम पर स्थित राजिम, छत्तीसगढ़ का प्रमुख धार्मिक तीर्थ स्थल है, जिसे “छत्तीसगढ़ का प्रयाग” भी कहा जाता है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यहाँ संतों, महात्माओं, नागा सन्यासियों और लाखों श्रद्धालुओं का आगमन ...
संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी

संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी

लेख
By: कैलाश चन्द्र संस्कारित परिवार: जागरूक नागरिक, समरस समाज और संवेदनशील राष्ट्र निर्माण की मूल धुरी -कैलाश चन्द्र भारतीय समाज की रचना में परिवार केवल रक्त-संबंधों का केंद्र नहीं बल्कि एक जीवंत संस्कृति, अनुशासन और भविष्य का निर्माण करने वाली संस्था है। जब दुनिया व्यक्तिगतता, उपभोक्तावाद और क्षणिक सुख की संस्कृति में उलझकर अपने मूल्यों से दूर जा रही है, तब हमारे लिए यह समझना अत्यंत आवश्यक हो जाता है कि राष्ट्र-निर्माण किसी एक नीति, किसी एक नेतृत्व या किसी एक विचारधारा से नहीं चलता; उसका वास्तविक केंद्र परिवार होता है। परिवार ही वह स्थान है जहाँ भविष्य की पीढ़ियाँ अपना पहला श्वांस, पहला संस्कार, पहली दृष्टि और पहला जीवन-शिक्षण प्राप्त करती हैं। अतः परिवार में संस्कारों की स्थापना केवल निजी जीवन का विषय नहीं बल्कि व्यापक सामाजिक और राष्ट्रीय प्रश्न है। बच्चा अपने जन्म से किशोरावस्था...
कोरिया गणराज्य के प्रतिनिधिमंडल ने हरिवंश से की महत्वपूर्ण मुलाकात

कोरिया गणराज्य के प्रतिनिधिमंडल ने हरिवंश से की महत्वपूर्ण मुलाकात

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 30 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। कोरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कोरिया गणराज्य की नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष ली हैक-यंग ने किया। इस अवसर पर हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य मजबूत और प्रगतिशील लोकतंत्र हैं तथा दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान की सुदृढ़ परंपरा रही है। बैठक के दौरान हरिवंश ने द्विपक्षीय सहयोग के बहुआयामी स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, संस्कृति तथा जन-जन के संपर्क जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ साझेदारी है। यह सहयोग लोकतंत्र, कानून के शासन, वैश्विक शांति और समृद्धि के साझा मूल्यों पर आधारित है। दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए हरिवंश ने कहा कि अयोध्या की राजकुमारी सुर...
बस्तर पंडुम का संभागस्तरीय आयोजन छे से आठ फरवरी को

बस्तर पंडुम का संभागस्तरीय आयोजन छे से आठ फरवरी को

छत्तीसगढ़, राज्य
रायपुर, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बस्तर पंडुम के संभागस्तरीय आयोजन की तिथि में आंशिक संशोधन किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत अब इसका आयोजन 6-8 फरवरी तक संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में होगा, जहां जिलास्तर पर बस्तर पंडुम के अंतर्गत आयोजित 12 विधाओं के विजेता दल एवं कलाकार शामिल होंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में यह लगातार दूसरे वर्ष बस्तर पंडुम का गरिमामय आयोजन हो रहा है। बस्तर पंडुम-2026 का तीन चरणों में आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर 12 विधाओं में प्रतियोगिता के तौर पर किया जा रहा है। इस आयोजन से बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति...
महाकाल महोत्सव में प्रस्तुत होगा इंडोनेशियाई शिव नृत्य-नाट्य

महाकाल महोत्सव में प्रस्तुत होगा इंडोनेशियाई शिव नृत्य-नाट्य

मध्य प्रदेश, राज्य
उज्जैन, 18 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। भगवान महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में चल रहे पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव के अंतिम दिन आज रविवार को इंडोनेशिया की प्रसिद्ध नृत्य मंडली द्वारा शिव-केंद्रित नृत्य-नाट्य प्रस्तुति दी जाएगी। यह प्रस्तुति शिव तत्व, तांडव और आध्यात्मिक चेतना को वैश्विक कला दृष्टि से प्रस्तुत करेगी। वीर भारत न्यास और महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा 14 से 18 जनवरी तक महाकाल लोक एवं त्रिवेणी संग्रहालय में महाकाल महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की श्रृंखला निरंतर श्रद्धा और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है। महोत्सव के अंतिम दिन सायं 7 बजे महाकाल लोक में देश-विदेश की विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों को भावविभोर करेंगी। वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन इंडोनेशिया की प्रसिद्ध नृत्य मंडली द्वार...
हिंदू समाज की एकता से संस्कृति और अखंडता की सुरक्षा संभव: दत्तात्रेय होसबाले

हिंदू समाज की एकता से संस्कृति और अखंडता की सुरक्षा संभव: दत्तात्रेय होसबाले

राष्ट्रीय
दरभंगा, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बिहार में दरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड अंतर्गत लगमा गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एकदिवसीय विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकता पर विशेष जोर दिया। सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब हिंदू समाज में विभाजन की दरार उत्पन्न हुई है, तब-तब विदेशी आक्रांताओं ने देश पर शासन किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की एकता ही भारत को सशक्त बनाती रही है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत रही है। जब समाज संगठित रहा, तब राष्ट्र ने उन्नति की और जब समाज में बंटवारा हुआ, तब देश को बाहरी आक्रमणों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कह...