
दरभंगा, 17 जनवरी (प्रेस ब्यूरो)। बिहार में दरभंगा जिले के तारडीह प्रखंड अंतर्गत लगमा गांव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में एकदिवसीय विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में राष्ट्रीय चेतना, सामाजिक समरसता और हिंदू समाज की एकता पर विशेष जोर दिया।
सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि जब-जब हिंदू समाज में विभाजन की दरार उत्पन्न हुई है, तब-तब विदेशी आक्रांताओं ने देश पर शासन किया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की एकता ही भारत को सशक्त बनाती रही है और यही देश की सबसे बड़ी ताकत रही है। जब समाज संगठित रहा, तब राष्ट्र ने उन्नति की और जब समाज में बंटवारा हुआ, तब देश को बाहरी आक्रमणों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की संगठित शक्ति ही भारत की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा कर सकती है। वर्तमान समय में समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की आवश्यकता है।
dattatreya hosbale ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सजग एवं जागरूक रहें। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और उनकी सक्रिय, सकारात्मक सहभागिता से ही देश को नई दिशा मिल सकती है।

भारत की सांस्कृतिक परंपरा का उल्लेख करते हुए सरकार्यवाह ने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना भारतीय संस्कृति की आत्मा रही है, जिसमें पूरे विश्व को एक परिवार माना गया है। इसी सोच के कारण भारत ने कभी आक्रमणकारी बनने का मार्ग नहीं अपनाया, बल्कि सदैव ज्ञान, संस्कृति, शांति और मानवता का संदेश विश्व को दिया है।
सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों की भारी भीड़ सम्मेलन में पहुंची।
कार्यक्रम के पश्चात दत्तात्रेय होसबाले ने दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (डीएमसीएच) में आयोजित आरएसएस शताब्दी वर्ष संगोष्ठी को भी संबोधित किया।
इससे पूर्व लगमा गांव स्थित जेएनवी आदर्श संस्कृत महाविद्यालय परिसर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में dattatreya hosbale का मिथिला की परंपरा के अनुसार पाग पहनाकर स्वागत किया गया।
मंच पर अन्य विशिष्ट विद्वानों के साथ लगमा संस्थान के बाबा भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, अन्य प्राध्यापक एवं अनेक गणमान्य लोग मौजूद थे।
