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Tag: इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम

धार्मिक ग्रंथों के मूल्यों के अनुरूप जीवन‑यापन पर डीवाई चंद्रचूड़ का संदेश

धार्मिक ग्रंथों के मूल्यों के अनुरूप जीवन‑यापन पर डीवाई चंद्रचूड़ का संदेश

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। धार्मिक ग्रंथों में वर्णित जीवन मूल्यों के अनुरूप आचरण करने वाले व्यक्ति संतोष और प्रसन्नता का अनुभव करते हैं, यह विचार डीवाई चंद्रचूड़ ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा मनाए गए माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी एवं अखंड दीप शताब्दी महोत्सव के समापन समारोह में रखा। तीन दिवसीय महोत्सव का समापन ज्ञान यज्ञ की मशाल रैली और विश्व कल्याण के महासंकल्प के साथ हुआ। समारोह में विचार क्रांति, मानवीय एकता, सामाजिक सद्भाव और नवयुग निर्माण का संदेश दिया गया। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि इस जन्मशताब्दी महोत्सव का समापन युग निर्माण की यात्रा का अंत नहीं बल्कि गुरु‑देव‑माता जी के संकल्पों को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का अवसर है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने संत ज्ञानेश्वर रचित ‘पसायदान’ के छंदों का हवाला देते हुए मानवीय मूल्यों...
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा, गायत्री परिवार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विज़न को साकार कर रहा है

डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा, गायत्री परिवार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विज़न को साकार कर रहा है

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, ने सोमवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के भव्य शताब्दी समारोह में ‘नशा मुक्त भारत’ पर अपना विचार रखा। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विज़न को वास्तविकता में बदल रहा है। समारोह को तीन प्रमुख ऐतिहासिक‑आध्यात्मिक चरणों को समर्पित किया गया। इनमें माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती, ‘अखंड दीपक’ का 100 वर्ष पूर्ण होना, तथा आचार्य पं श्रीराम शर्मा आचार्य की तपस्या एवं साधना के शताब्दी वर्ष को प्रमुखता दी गई। इस महाकुंभ में देश‑विदेश से आए हजारों प्रतिनिधि, पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने संस्थापकों के आध्यात्मिक समर्पण और युग‑निर्माण के विज़न को स्मरण किया। डॉ. वीरेंद्र कु...