
नई दिल्ली, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, ने सोमवार को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के भव्य शताब्दी समारोह में ‘नशा मुक्त भारत’ पर अपना विचार रखा। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “व्यसनमुक्त भारत, संस्कारयुक्त भारत” के विज़न को वास्तविकता में बदल रहा है।
समारोह को तीन प्रमुख ऐतिहासिक‑आध्यात्मिक चरणों को समर्पित किया गया। इनमें माता भगवती देवी शर्मा की 100वीं जयंती, ‘अखंड दीपक’ का 100 वर्ष पूर्ण होना, तथा आचार्य पं श्रीराम शर्मा आचार्य की तपस्या एवं साधना के शताब्दी वर्ष को प्रमुखता दी गई। इस महाकुंभ में देश‑विदेश से आए हजारों प्रतिनिधि, पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने संस्थापकों के आध्यात्मिक समर्पण और युग‑निर्माण के विज़न को स्मरण किया।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने उल्लेख किया, “समुदाय के सहयोग से युवाओं को स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिये प्रेरित करना हमारी संस्था की बड़ी उपलब्धि है। हमारे मंत्रालय के ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ को गायत्री परिवार ने जन‑जन तक पहुँचाया है। आध्यात्मिक जागरूकता, शिक्षा और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति चलाए गये अभियानों ने ड्रग्स के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन को नई शक्ति प्रदान की है।”
उन्होंने 2020 में प्रधानमंत्री की व्यापक अपील के बाद से अब तक “क्रोड़ों लोग ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान से जुड़ चुके हैं” बताया और माता भगवती देवी शर्मा की जन्म शताब्दी के अवसर पर जनसमूह द्वारा लिये गये सामूहिक संकल्प को इस दिशा में एक मील का पत्थर कहा।
उपरान्त, उन्होंने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या एवं उनकी टीम का उल्लेख कर कहा कि वे अपने संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की शिक्षाओं से प्रेरित होकर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत को साकार कर रहे हैं।
मंत्रालय ने दोहराया कि ‘नशा मुक्त भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये आध्यात्मिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज और जनता की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है, और गायत्री परिवार के इस शताब्दी समारोह ने जन‑कल्याण, सामाजिक जिम्मेदारी और नशा रोकथाम के सामूहिक संकल्प को नई ऊर्जा दी है।
