
जगदलपुर, 05 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। काेतवाली थाना के अधिकारियों ने बताया कि बाफना लाइफ स्टाइल में कार्यरत युवा दीपा की मृत्युदंड के बाद बरामद हुए सुसाइड नोट की प्रामाणिकता को स्थापित करने के लिये लिखावट‑जाँच और फोरेंसिक विश्लेषण को विशेषज्ञों के पास भेजा गया है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी डिजिटल एवं भौतिक साक्ष्य इकट्ठा कर लिये गये हैं। वहीं मृतक के निकटजनों ने आत्महत्या को मानने से इनकार कर, निष्पक्ष एवं तेज़ जांच की माँग की है। इस कारण, पुलिस ने एक विशेष जांच दल का गठन किया है, जिसका नेतृत्व सीएसपी अंशिका जैन कर रही हैं।
उल्लेखनीय है कि 2 नवंबर को बाफना लाइफ स्टाइल के छत पर दीपा का शव मिला था, जिसके पास से पुलिस ने एक सुसाइड नोट बरामद किया। नोट में आत्महत्या के कारण स्पष्ट रूप से नहीं लिखे गये थे, इसलिए लिखावट किसकी है, इसका पता लगाने के लिये हैंडराइटिंग और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भेजा गया है।
सीएसपी अंशिका जैन ने कहा कि जांच सभी पहलुओं से की जा रही है; नोट के अलावा, युवती के मोबाइल डेटा की तकनीकी तथा फोरेंसिक जांच भी चल रही है। मृतक का पोस्टमार्टम कर लिया गया है, परन्तु प्राथमिक रिपोर्ट में मृत्यु का वास्तविक कारण क्या है, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है। पुलिस ने बताया कि पूरी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
परिवार की अपील को देखते हुए, पुलिस ने यह भी कहा कि वे डिजिटल ट्रेस, कॉल रिकॉर्ड और संदेशों सहित सभी उपलब्ध साक्ष्यों को विस्तृत रूप से विश्लेषण करेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह वास्तविक आत्महत्या है या कोई अन्य कारण पीछे है। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, विशेष टीम ने हर संभावित सुराग को सावधानीपूर्वक जांचने का आश्वासन दिया है।
