
जगदलपुर, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। जिला कलेक्टोरेट के आस्था कक्ष में सोमवार को एक औपचारिक समागम आयोजित किया गया, जिसमें अक्टूबर माह में शासकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए सेवानिवृत्त 16 अधिकारी‑कर्मचारी को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर आकाश छिकारा ने सभी सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यकाल के प्रमाणस्वरूप शॉल, श्रीफल और पेंशन प्राधिकार पत्र वितरित किए और उनके स्वास्थ्य व दीर्घायु के लिए शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
समारोह के दौरान कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा, “तीन‑चार दशकों तक निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ शासकीय सेवा देना गर्व का विषय है। विभिन्न नियम‑विधियों और जनअपेक्षाओं के बीच दायित्व निर्वहन करना एक बड़ी उपलब्धि है। छत्तीसगढ़ और विशेषकर बस्तर जिले के समग्र विकास में सभी शासकीय कर्मचारियों का योगदान स्मरणीय रहेगा।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेवानिवृत्ति को ‘रिटायर्ड’ की सीमित पहचान नहीं, बल्कि ‘सेकंड इनिंग्स’ की नई ऊर्जा के रूप में देखना चाहिए।
कलेक्टर ने बताया कि लंबे कार्यकाल के दौरान परिवार और व्यक्तिगत रुचियों के लिए समय निकालना कठिन हो जाता है, इसलिए अब वे अपने परिवार के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिता सकते हैं, स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दे सकते हैं और अपने प्रशासनिक अनुभव को समाज के लिए उपयोगी बना सकते हैं। उन्होंने नागरिकों और युवाओं को मार्गदर्शन करने की प्रेरणा भी दी।
इसके अलावा, जिला कोषालय की कार्यप्रणाली की विशेष प्रशंसा की, यह कहा कि नियमित टीएल बैठकों में मामलों की समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाता है कि पेंशन, जीपीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य स्वत्वों के दस्तावेज़ सेवानिवृत्ति के दिन ही तैयार हो जाएँ। वर्तमान में बस्तर जिले में लगभग 80‑90 प्रतिशत मामलों में यह प्रक्रिया पूरी हो रही है, जो सरकारी कर्मचारियों के हित में सराहनीय कदम है।
समारोह में सेवानिवृत्त अधिकारी जैसे कि जिला शिक्षा अधिकारी श्री बीआर बघेल ने अपने 39 वर्षों के कार्यकाल के अनुभव साझा किए, जिसमें उन्होंने बस्तर में शिक्षा की गुणवत्ता, नवोदय विद्यालय चयन, एनएमएमएस छात्रवृत्ति और बोर्ड परीक्षाओं में हुए सुधारों को उजागर किया। उन्होंने कहा, “सेवानिवृत्ति के अवसर पर इस प्रकार का सम्मान पूरे कार्यकाल की मेहनत को सार्थक बनाता है।”
उपस्थित में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी अनिल कुमार पाठक, अन्य जिला कोषालय के अधिकारी‑कर्मचारी, सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारियों के परिजन तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी‑कर्मचारी शामिल थे।
