
नवा रायपुर, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)।
राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में नागरिक नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के दौरान राजस्व विभाग के स्टॉल पर जमा हुए। वहाँ पर प्रदर्शित की गई जियो रेफरेंसिंग, ऑटो म्यूटेशन, ऑनलाइन नामांतरण, बंटवारा और राजस्व अभिलेखों के डिजिटलीकरण जैसी सुविधाओं को देखकर ग्रामीणों में उत्साह स्पष्ट रूप से झलक रहा है।
बलौदाबाजार‑भाटापारा जिले के सिमगा विकासखंड के ग्राम सकलोर निवासी दिलिप वर्मा और वेदराम वर्मा ने बताया कि पहले राजस्व कार्यों के लिए तहसील और अन्य कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने ऑनलाइन सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि अब घर बैठे ही राजस्व संबंधी जानकारी और कार्यवाही की जा सकती है।
ग्राम पठारीडीह से आए महेंद्र साहू, राजाराम, अश्वनी और तिलक ने बताया कि जाति एवं मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में काफी सुविधा मिली है। अविवादित नामांतरण और बंटवारा जैसे कार्यों के समय में कमी आ रही है, जिससे किसानों और आम नागरिकों को राहत मिल रही है।
रायपुर जिले के बुड़गहन के मनोज, सालिक और जितेंद्र ने डिजिटल व्यवस्था के कारण पारदर्शिता में बढ़ोतरी और नागरिकों को मिलने वाली सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने उल्लेख किया कि किसानों और जरूरतमंद परिवारों के लिए ऑनलाइन सेवाएं विशेष रूप से उपयोगी हैं।
जांजगीर जिले से आए जीवन लाल, ओंकार और ललित ने भी स्टॉल पर उपलब्ध जानकारी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जियो रेफरेंसिंग के माध्यम से भूमि अभिलेखों की जानकारी प्राप्त करना सरल हो रहा है, जिससे अनावश्यक परेशानियों में कमी आ रही है।
राजस्व विभाग द्वारा अपनाई गई इन आधुनिक तकनीकों से भूमि अभिलेखों का बेहतर प्रबंधन और नामांतरण प्रक्रिया को सरल बनाना, राजस्व प्रशासन को पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक‑केंद्रित बनाने के प्रयासों का हिस्सा है। ये पहल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों द्वारा सराहे गए।
