
विधिक जागरूकता शिविर 02 नवंबर को विकासखंड लोहण्डीगुड़ा के ग्राम तीरथा में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के निर्देशन में आयोजित हुआ। इस शिविर में जिला न्यायाधीश उदयलक्ष्मी सिंह और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवप्रकाश त्रिपाठी ने ग्रामीणों को विभिन्न विधिक प्रावधानों, उनके अधिकारों तथा कानूनी संरक्षण के संबंध में गहन जानकारी दी।
न्यायिक अधिकारियों ने संबोधन में कहा, “किसी व्यक्ति को कानून की जानकारी न होना उसे कानून के उल्लंघन के कानूनी परिणामों से मुक्त नहीं करता।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि विधिक जागरूकता का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को प्रचलित कानूनों, उनके अधिकारों एवं दायित्वों की जानकारी देकर उन्हें स्वयं और समाज को अपराधों से सुरक्षित रखने में सक्षम बनाना है।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता एवं विधिक सलाह की उपलब्धता के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें यह अवगत कराया गया कि आर्थिक अथवा अन्य सामाजिक कारणों से कोई भी व्यक्ति न्याय प्राप्त करने से वंचित न रहे, इसके लिए विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इसके अतिरिक्त बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों का विवरण दिया गया, बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा इसकी रोकथाम में समाज की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। फिर लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत बच्चों के प्रति होने वाले लैंगिक अपराधों, उनके संरक्षण तथा ऐसी घटनाओं की सूचना देने की कानूनी प्रक्रिया से ग्रामीणों को अवगत कराया गया।
मोटर यान अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों को भी रेखांकित करते हुए यातायात नियमों के पालन, वाहन चलाते समय आवश्यक सावधानियों, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग तथा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के महत्व पर जोर दिया गया। शिविर में ग्रामजनों ने वाहन चालान अनुज्ञप्ति (ड्राइविंग लाइसेंस) बनवाने और वाहन बीमा कराने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों के बारे में शिकायत की। इस पर उपस्थित थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया कि वे इस संबंध में विशेष अभियान संचालित करें और ग्रामीणों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
न्यायिक अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने अधिकारों एवं कानूनी दायित्वों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी विधिक समस्या अथवा विवाद की स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध सहायता एवं सलाह का लाभ उठाएँ। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक जागरूकता का विस्तार करना तथा आमजन तक न्यायिक एवं विधिक सहायता की पहुँच सुनिश्चित करना रहा।
