
रांची, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत सोमवार को राजधानी रांची में एक पदयात्रा निकाली। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य एसआईआर के समर्थन और कांग्रेस‑इंडी गठबंधन द्वारा फैलाई जा रही भ्रमात्मक जानकारी का खंडन था। केंद्रीय मंत्री एवं कार्यक्रम प्रभारी जुएल उरांव, पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री‑सह प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी तथा पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा सहित कई वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ता इस यात्रा में शामिल हुए।
पदयात्रा मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका से प्रारम्भ हुई, जहाँ से समूह कचहरी चौक से गुजरते हुए जेल मोड़ स्थित बिरसा मुंडा स्मृति संग्रहालय तक पहुँचा। समापन में संग्रहालय के परिसर में स्थित धरती आबा की प्रतिमा के सामने शोकांजलि अर्पित की गई।

मार्ग में जुएल उरांव ने कांग्रेस, राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर कठोर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “विपक्ष को लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर भरोसा नहीं है। प्रधानमंत्री बनना है तो संसद का चुनाव जीतना होगा, न कि मॉक पार्लियामेंट से।” उन्होंने कांग्रेस के विधान परिषद चुनाव में ‘बेनकाब’ होने, मतदान में बैलेट पेपर प्रयोग और ईवीएम पर उठाए गए सवालों को भी उजागर किया। उरांव ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, देश में भ्रम एवं अराजकता फैलाई जाने की राजनीति में लिप्त है और बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों की अस्थिरता को भारत में लाने का प्रयास कर रही है।
गजेंद्र सिंह पटेल ने एसआईआर की आवश्यकता पर बल दिया, बताया कि अब तक 12 बार गहन पुनरीक्षण हुआ है, जिनमें 10 बार कांग्रेस के अधीन हुआ, पर इस बार कांग्रेस इसका विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में सभी दलों के बूथ‑लेवल एजेंट शामिल हैं और कोई भी वैध मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा; मृत व अवैध नाम हटाए जा रहे हैं जबकि नए नाम जोड़े जा रहे हैं।

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कांग्रेस के 65‑वर्षीय शासनकाल को ‘सत्ता‑परिवारवाद’ कहा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 140 करोड़ नागरिकों के कल्याण कार्य की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री के पारिवारिक पृष्ठभूमि से असंतोष है और उनका विरोध केवल वोट‑चोरी के आरोपों पर ही सीमित है।
बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी को ‘अराजकता उत्पन्न करने वाला’ कहा, कांग्रेस, वंशवादी राजनीति, नक्सली विचारधारा और घुसपैठ को लोकतंत्र के लिए खतरा घोषित किया। उन्होंने पदयात्रा को विपक्ष के लोकतंत्र‑विरोधी रवैये को उजागर करने के उद्देश्य से आयोजित बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, “राष्ट्रविरोधी ताकतों का जवाब देना जनता की जिम्मेदारी है, और भाजपा कार्यकर्ता राष्ट्रीय सेवा के मूल सिद्धांत पर कार्य करते हैं।”
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र राय, दीपक प्रकाश, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, विधायक सीपी सिंह, मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, बालमुकुंद सहाय, भानु प्रताप शाही, महामंत्री मनोज सिंह, सुनीता सिंह, अमित सिंह, दीपक बंका तथा हेमंत दास सहित हजारों नेता‑कार्यकर्ता ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
