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धमतरी में दो पटवारी निलंबित, 100 से अधिक को कारण बताओ नोटिस

धमतरी, 03 नवंबर (प्रेस ब्यूरो)। 13 अक्टूबर से चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं। धमतरी जिले में दो पटवारी को निलंबित किया गया, जबकि 100 से अधिक पटवारी को कारण‑बताओ नोटिस जारी किया गया। सोमवार को अधिकारी‑कर्मचारी फेडरेशन के प्रतिनिधि धरना स्थल पर पहुँचे और पटवारियों के आंदोलन को समर्थन दिया।

राजस्व पटवारी संघ के बैनर तले लगभग 148 पटवारी हड़ताल पर हैं। नगरी एसडीएम और मगरलोड तहसीलदार ने क्रमशः दो पटवारियों को निलंबित करने का आदेश दिया। नगरी एसडीएम ने चिम्मन लाल ध्रुव को निलंबित किया; कारण बताओ नोटिस के बाद उत्तर न मिलने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम के तहत एकपक्षीय कार्रवाई की गई। उसी प्रकार मगरलोड तहसीलदार ने मुख्यालय बेलोरा में पदस्थ चैतन्य नेताम को निलंबित किया।

कुरूद, नगरी, मगरलोड, भखारा और कुकरेल क्षेत्र के 100 से अधिक पटवारियों को 48 घंटे के भीतर कारण‑बताओ नोटिस के उत्तर देने का निर्देश दिया गया, नहीं तो अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। इस बीच दो पटवारी, वेदप्रकाश साहू और नागेश्वर साहू, ने ड्यूटी ज्वाइन कर ली है।

राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष वासुदेव भोई ने कहा कि शासन‑प्रशासन चाहे दबाव बढ़ाए, निलंबित करे या नोटिस जारी करे, पटवारी हड़ताल नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने पदोन्नति की कमी को प्रमुख मांग बताया, यह कहते हुए कि कई वर्ष सेवा के बाद भी पटवारी को पदोन्नति नहीं मिली। उदाहरण के तौर पर उन्होंने बताया कि जिले के पटवारी बलदेव सिंह ठाकुर ने 37 वर्ष 7 माह की सेवा पूरी करने के बाद भी पदोन्नति नहीं पाई।

भोई ने कहा कि जिले में कुल 168 पटवारी कार्यरत हैं, जिनमें से 20 प्रशिक्षु पटवारी हड़ताल में नहीं हैं, जबकि शेष सभी आंदोलन पर डटे हुए हैं। हड़ताल के कारण राजस्व कार्य में बाधा आई है और आम जनता को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

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