
भोपाल, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने गुरुवार को आयोजित समन्वय समिति की बैठक में यह निर्देश दिया कि जनगणना-2027 से जुड़े सभी विभागों को संवेदनशीलता और समन्वय के साथ तय समय सीमा में कैलेंडर के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करनी होगी, ताकि भारत सरकार की मंशा अनुसार आवश्यक आँकड़े जुटाए जा सकें।
बैठक में जनगणना महानिदेशक संजय श्रीवास्तव और संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव व विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे। मुख्य सचिव ने कहा कि यह बार की जनगणना पहली डिजिटल पहल होगी, जहाँ नागरिक स्व-गणना के माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए इगॉट पर छोटा मॉड्यूल विकसित करने, कॉलेजों में छात्रों को स्व-गणना पत्रक भरने के लिए प्रोत्साहित करने और डिजिटल तथा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर छोटे-छोटे वीडियो अपलोड कर जागरूकता फैलाने की बात कही।
इसके अलावा, निजी क्षेत्र व सार्वजनिक उपक्रमों को भी इस कार्य में शामिल करने पर बल दिया। नागरिकों को जनगणना के विभिन्न चरणों के बारे में जागरूक करने हेतु झांकी, रैली, कलापथक दल, लोक कलाकार, सोशल मीडिया, सिनेमा हॉल, रेडियो, टीवी आदि पर व्यापक प्रचार-प्रसार की निर्देश दिया। 2 लाख से अधिक प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के अलावा अन्य प्रशासनिक कर्मियों की भी व्यवस्था शासकीय विभागों से कराने की बात कही।
बैठक के दौरान डिजिटल रोडमैप और संगठनात्मक ढाँचे की विस्तृत जानकारी साझा की गई, और बताया गया कि जुलाई 2026 में सिवनी जिला के कुरई तहसील के चयनित ग्रामों तथा ग्वालियर जिले के नगर निगम ग्वालियर के चयनित वार्ड में पायलट कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ।
मुख्य सचिव ने शैक्षणिक विभाग को निर्देश दिया कि 2027 की परीक्षाओं का संचालन इस जनगणना के द्वितीय चरण को ध्यान में रखकर किया जाए। सभी विभागों को नोडल अधिकारी नामित करके समन्वय सुनिश्चित करने की भी बात कही। जनसंपर्क विभाग को व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु कार्य करने का निर्देश दिया गया।
