
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली के राऊज एवेन्यू कोर्ट में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में सरकारी अधिकारियों को “हनुमान” की संज्ञा देने वाले टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा गया है। अडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट अश्विनी पंवार ने 6 नवंबर को फैसला सुनाने का आदेश दिया है।
गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील संजीत कुमार ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट पर आपत्ति जताई और अपनी दलीलों को समर्थन देने हेतु पूर्व के फैसलों का हवाला दिया। 15 अक्टूबर को सुनवाई में कश्मीरी गेट थाने के एसआई मुकेश तोमर ने रेखा गुप्ता के भाषण का ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट में दाखिल किया था। उन्होंने इसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 (4) (सी) के तहत प्रमाणपत्र के रूप में प्रस्तुत किया।
याचिका रामनिवास शर्मा ने दायर की है। पिछले सुनवाई में याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि 23 सितंबर को कश्मीरी गेट बस अड्डे पर दिल्ली से यूपी के बड़ौत तक जाने के लिए डीटीसी की अंतरराज्यीय बस सेवा के लॉन्च के अवसर पर रेखा गुप्ता ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों और कर्मचारियों को “हनुमान” कहा और कहा कि ये “हनुमान तभी कड़ी मेहनत करते हैं जब उनकी पूंछ में आग लगती है”। इस वक्तव्य को कई सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और आम जनता ने सुना।
याचिका में कहा गया है कि इस संबोधन को कई स्थानों पर प्रकाशित किया गया था। याचिका को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत दायर किया गया है और इसमें धारा 223 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश मांगा गया है।
अब अदालत ने इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रखकर 6 नवंबर को सुनवाई निर्धारित की है, जिससे आगे की कार्यवाही का मार्ग निर्धारित होगा।
