
वाराणसी, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी केदारनाथ सिंह (भाजपा) से लगातार बढ़त बनाए रखी है। प्रथम वरीयता के नौवें राउंड के अंत तक सिन्हा को कुल 50,462 वोट मिले, जबकि केदारनाथ सिंह को 33,478 वोट प्राप्त हुए, जिससे सिन्हा 16,984 मतों की बढ़त पर हैं। इस चरण के बाद द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती भी शुरू हो गई है।
राउंड‑वार परिणामों के क्रम में, छठे राउंड तक सिन्हा के पास 35,086 वोट थे, जबकि केदारनाथ सिंह के पास 23,253 वोट। इस स्तर पर बढ़त 11,833 मतों की थी। पाँचवें राउंड के बाद सिन्हा को 9,490 मतों की बढ़त मिली थी, और चौथे राउंड में उनका अंतर 2,900 के करीब था। तीसरे राउंड में सिन्हा को 5,776 अतिरिक्त वोट मिले, जिससे उनका कुल 16,195 हो गया; केदारनाथ सिंह को 4,414 वोट मिले और उनका कुल 11,800 हो गया, जिससे अंतर 4,307 रहा। दूसरे राउंड के बाद भी सिन्हा लगभग 2,900 वोटों से आगे थे।
मतगणना स्थल पहड़िया मंडी में लगातार तीसरे दिन भी भीड़ और नारेबाजी जारी रही। बुधवार देर शाम भाजपा कार्यकर्ताओं और कुछ अन्य प्रत्याशियों द्वारा उठाए गए आपत्ति के कारण मतगणना को अस्थायी रूप से रोक दिया गया। उस समय चार राउंड समाप्त हो चुके थे और पाँचवाँ राउंड अंतिम चरण में था। हंगामे के बाद कमिश्नर एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी वाराणसी एवं कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे, स्थिति का जायजा लिया और व्यवस्था को स्थिर किया।
मतपत्रों की बंडलिंग शुरू होने से पहले सिन्हा ने गड़बड़ी का संदेह जताया था, दो चक्रों की गिनती पूरी होने के बाद भी आधिकारिक घोषणा न होने और डिस्प्ले बोर्ड पर परिणाम न दिखने का आरोप लगाया। उन्होंने निर्वाचन आयोग से त्वरित कार्रवाई की मांग की। इसके बाद जिला निर्वाचन अधिकारी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर डिस्प्ले बोर्ड की तस्वीर साझा की।
सपा के प्रत्याशी लाल बिहारी यादव की शिक्षक एमएलसी चुनाव जीत के बाद सपा कार्यकर्ता उत्साहित हैं, और आशुतोष सिन्हा की लगातार बढ़त से उनका उत्साह और बढ़ा है। पाँचवें राउंड के बाद सपा कार्यकर्ता और भाजपा के समर्थकों दोनों ने धरने और नारेबाजी के साथ विरोध दर्शाया। प्रशासन ने दोनों पक्षों के समर्थन में सक्रियता को देखते हुए निगरानी कड़ी कर दी है। अंततः अंतिम परिणाम द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती और सम्पूर्ण प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
