
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आज सुबह चांदनी चौक के गौरीशंकर मंदिर से टाउन हल तक चलने वाली लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र का बहीखाता है। उन्होंने तुलना की कि व्यापारी दिवाली पर नया बहीखाता शुरू करते हैं और उसकी शुद्धता को महत्व देते हैं, उसी प्रकार लोकतंत्र में मतदाता सूची का साफ़-सुथरा होना आवश्यक है। “8 नवंबर को दिवाली है। इस अवसर पर व्यापारी भाई नया बहीखाता शुरू करते हैं। लोकतंत्र का बहीखाता मतदाता सूची है। जब इस सूची को साफ और शुद्ध करने का काम किया जाता है, तो कांग्रेस बेचैन होने लगती है।”
नवीन ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध किया जाएगा – योग्य नागरिकों के नाम उसमें शामिल होंगे और घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस के “परिवार के कानून” को देश का कानून बनाने की कोशिश पर नाराज़गी जताई, यह कहते हुए कि भारतीय लोकतंत्र की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि आपातकाल लगाकर भी उसे गिराया नहीं जा सकता।
सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने देश में 90 से अधिक बार जनता द्वारा चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त करने का काम किया, पर हर बार जनता ने लोकतंत्र की आवाज़ उठाकर जवाब दिया और सजा दी। “कांग्रेस कुछ सीखती नहीं,” नवीन ने कहा।

उन्होंने आगे बताया कि जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ है, क्योंकि वे 140 करोड़ लोगों के सुख-दुख के साथी हैं। विपक्षी नेता राहुल गांधी के बारे में कहा कि वह संविधान से कोई मतलब नहीं रखते, और कांग्रेस के आर्चित व्यवहार से देश अराजकता में डूब सकता है।
पदयात्रा के दौरान कनॉट प्लेस के सभी व्यापारियों ने इसका समर्थन किया। केंद्रीय मंत्री एवं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता भाजपा के साथ खड़ी है और सत्ता परिवर्तन केवल मतदान से होता है।
इस अवसर पर दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री परवेश साहिब सिंह वर्मा, सांसद प्रवीण खंडेलवाल, पूर्व सांसद रमेश वीधूड़ी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि 2029 में भी प्रधानमंत्री मोदी उसी लाल किले की दीवार पर दिखाई देंगे।
लाल चौक, तिरंगा, और पाकिस्तान का उल्लेख करते हुए नवीन ने कहा कि अराजकता का कोई स्थान नहीं हो सकता और विकास के लिए आगे बढ़ना है।
