
राज्य महिला आयोग की अध्यक्षता में डॉ. ममता साहू ने 28 अक्टूबर, 2023 को रायपुर के जिला पटल में जनसुनवाई का आयोजन किया। इस सुनवाई में संग्रहकर्ता सरला कोशरिया तथा सदस्य ओजस्वी मंडावी भी उपस्थित थीं। रायपुर के कुल 50 प्रकरणों में अब तक 28 प्रकरणों की सुनवाई हो चुकी है, जिनमें से 7 प्रकरणों को नस्तीबद्ध (संपन्न) कर दिया गया है।
सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में, एक अनावेदक ने अपनी आवेदिका को 4 नवंबर को एकमुश्त पाँच लाख रुपये देने की सहमति व्यक्त की। आवेदिका 31 अक्टूबर को महिला पुलिसकर्मी तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम के साथ ससुराल से अपना सामान ले सकेगी। संपत्ति विवाद में, ग्राम बिरकोनी स्थित दो एकड़ खेत और छेरीखेड़ी स्थित मकान का एक माह में आवेदिका के नाम पंजीयन कराने तथा बच्चों का टीसी (टाइटल डीड) दिलाने के निर्देश दिए गये।
एक घरेलू विवाद में, आवेदिका को कानूनी सहायता के लिये अधिवक्ता उपलब्ध कराने के निर्देश के साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया। समान रहने की सहमति वाले मामले में, अनावेदक को मारपीट न करने और आवेदिका को प्रतिमाह पाँच हजार रुपये देने का आदेश दिया गया। दिव्यांग आवेदिका की लिफ्ट को नवंबर तक ठीक कराने के लिए अनावेदक को समय दिया गया।
शादी का झांसा देकर दैहिक शोषण की शिकायत पर आयोग के निर्देशानुसार टिकरापारा थाना में अनावेदक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 64(2)(उ) तथा पक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी। तीन प्रकरणों में, अनावेदकों की अनुपस्थिति के कारण आगामी सुनवाई में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गये।
सुनवाई के दौरान रायपुर संभाग प्रभारी मंजू थदानी, डीएसपी स्नेहा आकाश राव, महिला थाना प्रभारी मौर्य, सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर नीति सिंह, संरक्षण अधिकारी प्रीति पाण्डेय सहित आयोग के अधिकारी‑कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
