
कोरबा, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। जिले में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों और किशोरों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने हेतु एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। राज्य शासन के निर्देशानुसार, कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में बुधवार को स्व. बिसाहू दास महंत संबद्ध चिकित्सा महाविद्यालय, कोरबा में टाइप-1 डायबिटीज क्लीनिक का शुभारंभ हुआ। इस क्लीनिक से बच्चों और किशोरों को बीमारी की जांच, उपचार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और फॉलो‑अप की सुविधा मिलेगी। साथ ही पात्र रोगियों को निःशुल्क इंसुलिन भी उपलब्ध कराया जायेगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान और निरंतर चिकित्सकीय देखभाल सुनिश्चित करना है। क्लीनिक के संचालन से मरीजों और उनके परिजनों को बीमारी के प्रबंधन, इंसुलिन के नियमित उपयोग, संतुलित खान‑पान और उपचार के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में आवश्यक मार्गदर्शन मिलेगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने कहा, “टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को नियमित उपचार और निरंतर चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होती है। क्लीनिक के माध्यम से हम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाएंगे और फॉलो‑अप के लिए प्रेरित करेंगे। परिजनों को भी लक्षणों और उचित देखभाल के प्रति जागरूक करेंगे।”
क्लीनिक, विलियम जे. क्लिंटन फाउंडेशन के सहयोग से, प्रत्येक बुधवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्व. बिसाहू दास महंत संबद्ध चिकित्सा महाविद्यालय में संचालित होगा। इस मौके पर जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश, मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. प्रीतेश मसीह, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. धर्मवीर सिंह, एनसीडी कंसल्टेंट डॉ. नरेंद्र जायसवाल, प्रोग्राम कंसल्टेंट देवेंद्र देवांगन और अन्य कर्मचारी व मरीजों के परिजनों की उपस्थिति रही।
डॉ. केशरी ने जिला अभिभावकों से अपील की कि यदि किसी बच्चे में बार‑बार प्यास लगना, बार‑बार पेशाब आना, बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज न करें और तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा, “टाइप-1 डायबिटीज की समय पर पहचान और नियमित उपचार अत्यंत आवश्यक है। अभिभावकों को बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा चिकित्सक के निर्देशानुसार उपचार जारी रखने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।” यह क्लीनिक जिले में बच्चों के लिए डायबिटीज देखभाल सेवाओं को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
