
रायपुर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने एनआईटी रायपुर में आयोजित दो दिवसीय यूथ कॉनक्लेव‑कम‑नेशनल कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में संबोधन किया। उन्होंने बताया कि “विकसित भारत का सपना आज की युवा पीढ़ी के लिए है और आने वाले समय में युवा ही इसका नेतृत्व करेंगे।” इस वक्तव्य से यह स्पष्ट हुआ कि देश को युवा प्रतिभा, ज्ञान और नवाचार से भविष्य के लिए बड़ी अपेक्षाएँ हैं।
सभी को यह याद दिलाया कि इंजीनियरिंग एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को अपनी क्षमताओं का उपयोग सिर्फ व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्रहित में करना चाहिए। इस सम्मेलन में उत्कृष्ट शोधपत्र प्रस्तुत करने वाले तथा परियोजना प्रदर्शनी और हैकाथॉन में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
कॉनक्लेव के दौरान विषयों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, एनआईटी रायपुर और भारतीय राष्ट्रीय अभियांत्रिकी अकादमी के संयुक्त प्रयासों से तकनीकी शिक्षा, शोध और नवाचार पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार “विकसित भारत” की परिकल्पना को साकार करने के लिये सक्रिय है। युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं और वे अपनी क्षमताओं से भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिला सकते हैं।
साव ने कहा, “युवा को अभी से अपनी जिम्मेदारी समझते हुए राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।” उन्होंने दो दिवसीय सम्मेलन में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और वैज्ञानिकों के बीच विकसित भारत के निर्माण में तकनीक, शोध और नवाचार की भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श होने का विश्वास जताया।
समापन सत्र में आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश, जवराहलाल नेहरू एल्यूमिनियम रिसर्च, डेवलपमेंट एंड डिजाइन सेंटर के निदेशक डॉ. रोहित कुमार गुप्ता, तथा एनआईटी रायपुर के प्राध्यापक प्रो. समीर वाजपेयी, प्रो. अर्चना शर्मा, डॉ. एस. सान्याल और डॉ. संजीव कुमार सहित अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे।
