
धमतरी, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव जिले में महसूस होने लगा है। सुबह से ही काले बादल छा गए हैं और रुक‑रुक कर हो रही रिमझिम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। संभावित बुरे मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और सभी स्कूल‑कॉलेजों में एक दिन का अवकाश घोषित किया गया है।
मौसम विभाग ने बताया कि धमतरी सहित आसपास के क्षेत्रों में 50‑60 किमी/घंटा की तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने नागरिकों व किसानों को सावधानी बरतने की अपील की। बारिश के कारण धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी के चार विकासखंडों में तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुँचने की आशंका बढ़ गई है। जिले में खरीफ़ धान की कटाई पहले ही शुरू हो चुकी है, जबकि देर से बुवाई करने वाले किसानों की फसल अभी कटाई के लिए तैयार खड़ी है। इस बेमौसम बारिश से फसल की गुणवत्ता पर गहरा असर पड़ सकता है।

लगातार नमी और बारिश से धान की बालियों में खराबी, दानों में कालापन और फसल की गुणवत्ता में गिरावट का अनुमान लगाया गया है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा और उपज के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। किसान गंभीर राम साहू और वेद प्रकाश साहू ने बताया कि कटाई के सही समय पर बारिश होने से तैयार धान की गुणवत्ता बिगड़ सकती है, बालियों में कालापन आएगा और मौसम‑जनित बीमारियों का खतरा बढ़ेगा, जिससे उत्पादन व कीमत दोनों पर असर पड़ेगा।
धमतरी में बड़े पैमाने पर धान की खेती होने के कारण इस मौसम परिवर्तन से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। आगामी दिनों में मौसम की स्थिति किसानों के लिये निर्णायक रहेगी। यदि बारिश का दौर जारी रहा तो तैयार खड़ी धान की फसल को नुकसान के साथ कटाई और अन्य कृषि कार्य भी बाधित हो सकते हैं।
प्रशासन द्वारा रविशंकर सागर बांध (गंगरेल बांध) और महानदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने पर गंगरेल बांध से जल छोड़ने की संभावना को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है। अबिनाश मिश्रा कलेक्टर ने नागरिकों व किसानों से सतर्क रहने, नदी‑नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
