
रायपुर, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने आज बुधवार को कवर्धा जिले के रेंगाखार वनांचल में बैगा जनजाति के पाँच बच्चों की कुपोषण‑एनीमिया से हुई मृत्यु को लेकर प्रदेश सरकार पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने मरे हुए बच्चों के परिवारों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने और प्रभावित गाँव में कुपोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित करने की माँग रखी।
बैज ने बताया कि उन्होंने आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, प्रदेश अध्यक्ष जनक ध्रुव तथा स्थानीय नेताओं के साथ रेंगाखार के नंदनी कुमान गाँव और बोडला उप‑स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। उनके अनुसार, कुपोषण और एनीमिया से प्रभावित 13 बच्चे स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं, जबकि 10 से अधिक बच्चे अभी भी गाँव में इलाज के इंतजार में हैं। उन्होंने जल प्रदूषण, मलेरिया, डायरिया और टीकाकरण की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि पिछले वर्ष भी इन रोगों से कई मौतें हुई थीं, परन्तु रोकथाम के उचित उपाय नहीं किए गये।
धान खरीद के मुद्दे पर भी दीपक बैज ने सरकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदने का वादा किया था, जबकि अब समर्थन मूल्य में वृद्धि को देखते हुए 3358 रुपये प्रति क्विंटल का एकमुश्त भुगतान माँगा जा रहा है। साथ ही, जबरिया रकबा समर्पण और फर्जी गिरदावरी के आधार पर खरीदी सीमा घटाने पर रोक लगाने की भी मांग की।
बैज ने दीपावली से पहले किसानों को अग्रिम भुगतान तथा बकाया राशि के त्वरित निपटारे की भी अपील की। उन्होंने बताया कि एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने, काटे गए वोट बहाल करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर पार्टी का आंदोलन जारी रखने का इरादा रखते हैं।
