
दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ब्रिंग बैक बैलेट नामक इंस्टाग्राम अकाउंट को ब्लॉक करने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और मेटा प्लेटफ़ॉर्म को आधिकारिक नोटिस भेजने का आदेश दिया। यह आदेश जस्टिस अमित महाजन की बेंच ने दिया, और अगली तारीख 6 नवंबर को निर्धारित की गई है।
इस याचिका को मिशन सेव कॉन्स्टिट्यूशन संगठन ने दायर किया है, जिसके राष्ट्रीय संयोजक एवं वकील महमूद प्राचा ने इसे प्रस्तुत किया। याचिका में बताया गया कि उक्त इंस्टाग्राम अकाउंट को 10 अक्टूबर को बिना किसी पूर्व सूचना, सुनवाई के अवसर या स्पष्ट कारण बताए ब्लॉक कर दिया गया, जबकि उसी दिन संगठन ने जंतर‑मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया हुआ था।
अकाउंट का उद्देश्य चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को हटाकर बैलेट पेपर लाने की मांग को “ईवीएम हटाओ देश बचाओ” नारे के तहत उठाना था। याचिकाकर्ताओं के अनुसार, इस अकाउंट पर 40 हजार से अधिक फॉलोअर्स थे और केवल एक पोस्ट को हटाने के बजाय पूरे प्रोफ़ाइल को बंद करना “पूरी तरह असंगत और अनुचित कार्रवाई” है।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली के विकल्प के रूप में बैलेट पेपर की वापसी के समर्थन में आवाज़ उठाना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(ए) के तहत मौलिक राजनीतिक अभिव्यक्ति का अधिकार है। इस अधिकार के उल्लंघन को लेकर न्यायालय ने केंद्र एवं मेटा दोनों को जवाब‑देही तय करने हेतु नोटिस जारी किया है, जिससे आगे की कार्यवाही में इस मुद्दे की वैधता तथा प्लेटफ़ॉर्म की सामग्री‑नियमन नीति पर विशेष चर्चा होगी।
