
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को मद्देनजर रखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जमीनी स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बताया कि रेलवे नेटवर्क में कुल 10 स्थानों पर गिरे हुए पेड़ और अन्य मामूली बाधाओं को तुरंत हटाकर साफ़ कर दिया गया है, ताकि ट्रेन संचालन पर कोई असर न पड़े।
मंत्रि जी ने अपने एक्स खाते पर पोस्ट कर यह कहा कि चक्रवात अर्नब की प्रगति पर “करीबी नजर” रखी जा रही है और सभी रेलगाड़ियों का परिचालन “सुरक्षित और सुचारु” बने रहने के लिये आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विशेष रूप से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में स्थित यानम‑काकीनाडा के निकट समुद्री लहरों और तेज़ वर्षा के कारण जलभराव की संभावना को देखते हुए सुरक्षा उपाय तेज़ कर दिए गए हैं।
पहले ही दिन, संभावित जोखिम को कम करने के लिये आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा के तटीय रेल मार्गों पर कई ट्रेनें “एहतियातन” रद्द कर दी गई थीं। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इन रद्दीकरणों से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई और आपदा‑प्रभावित क्षेत्रों में पुनः संचालन की तैयारी चल रही है।
रेलवे विभाग के प्रवक्ता ने यह भी उल्लेख किया कि प्रभावित क्षेत्रों में मौजूदा परिचालन स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और यदि आवश्यकता पड़े तो अतिरिक्त वैकल्पिक उपायों को लागू किया जाएगा। सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें और किसी भी बदलाव के लिये तैयार रहें। इस प्रकार, रेलवे और रेल मंत्री आश्विनी वैष्णव मिलकर चक्रवात अर्नब के कारण उत्पन्न हो सकने वाले किसी भी व्यवधान को न्यूनतम करने का प्रयास कर रहे हैं।
