
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ़िलीपींस में आयोजित 13वें एडीएमएम‑प्लस समारोह के दौरान अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के साथ विस्तृत चर्चा की। दोनों नेताओं ने 10 साल के भारत-अमेरिका डिफेंस फ्रेमवर्क की प्रगति पर विशेष ध्यान देते हुए सैन्य प्रौद्योगिकी, सूचना‑साझाकरण और सह‑उत्पादन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के उपायों पर विचार विमर्श किया।
बैठक फ़िलीपींस के सेबू में आयोजित कॉन्क्लेव के दौरान हुई, जहाँ राजनाथ सिंह ने अपने सोशल‑मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात को “बहुत बढ़िया” कहा और कहा कि एडीएमएम‑प्लस के दौरान ऑस्ट्रेलिया के डिप्टी पीएम और रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्लेस से मुलाकात करके उन्हें खुशी हुई। उन्होंने बताया कि द्विपक्षीय रक्षा सहयोग की समीक्षा, मिलिट्री इंटर‑ऑपरेबिलिटी को बढ़ाना और क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने पर “अच्छी बातचीत” हुई।
हेगसेथ ने भी कहा कि भारतीय रक्षा मंत्री के साथ “बहुत अच्छी मीटिंग” हुई, जिसमें दोनों देशों ने इंडिया‑अमेरिका डिफेंस फ्रेमवर्क की सालगिरह मनाई और सहयोग को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे। उन्होंने उल्लेख किया कि ट्रम्प प्रशासन के दौरान कूटनीतिक तनाव के बावजूद, दो देशों के रक्षा संबंध लगातार मजबूत होते जा रहे हैं।
वर्ष 2015 में अमेरिका ने भारत को “मेजर डिफेंस पार्टनर” का दर्जा दिया था, जिससे उन्नत सैन्य उपकरण और तकनीक का आदान‑प्रदान संभव हुआ। पिछले अक्टूबर में दोनों देशों ने एक बड़ा रक्षा फ्रेमवर्क पैक्ट साइन किया, जो द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए एक विस्तृत रोडमैप बनाता है।
इसके अलावा, 2016 में साइन किया गया लॉजिस्टिक्स एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट दोनों सेनाओं को आपूर्ति‑सामग्री की मरम्मत और पुनःपूर्ति हेतु एक‑दूसरे के बेस का उपयोग करने की अनुमति देता है। 2018 में हस्ताक्षरित कम्युनिकेशंसकंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट इंटर‑ऑपरेबिलिटी को सुदृढ़ करता है और हाई‑एंड टेक्नोलॉजी की बिक्री को सुगम बनाता है।
इन सभी कदमों से दोनों देशों की साझेदारी एक फ्री, ओपन और सिक्योर इन्डो‑पैसिफिक की नींव के रूप में स्थापित हो रही है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को सुनिश्चित करना है।
