
पटन, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। बिहार विधान परिषद के चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन सीटों के चुनाव परिणाम स्पष्ट हो चुके हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ भाजपा–जदयू गठबंधन को चार सीटें मिलीं, जिनमें तीन भाजपा और एक जदयू ने जीत दर्ज की। इसके अतिरिक्त, राजद और जन सुराज को एक-एक सीट पर सफलता मिली, जबकि दो सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्रमुख दलों को चुनौती दी।
आठ सीटों में से पाँच पर भूमिहार समाज के उम्मीदवार विजयी हुए हैं या जीत की स्थिति में हैं। इनमें तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह, पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार, दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के डॉ. सुरेश प्रसाद राय और दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के सर्वेश कुमार शामिल हैं।
सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय राहुल राज (राजपूत समाज) ने 4,965 मतों से जीत दर्ज की, जबकि जदयू के आनंद पुष्कर को 3,150 मत मिले। तिरहुत शिक्षक सीट पर भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह को 2,945 मत मिले और निर्दलीय भूषण झा को 2,351 मत। दरभंगा शिक्षक सीट पर डॉ. सुरेश प्रसाद राय को 2,593 मत मिले, कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा को 2,269 मत।
पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह ने भाजपा के नवल किशोर यादव को 1,057 मतों से हराया, जिससे राजद को 30 वर्षों में पहली बार इस सीट पर सफलता मिली। पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार ने राजद के दिलीप कुमार को किसी मामूली अंतर से हराया, जबकि जन सुराज के अनुज सिंह और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।
तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय वंशीधर ब्रजवासी को 25,257 मत मिले, जबकि जदयू के अभिषेक झा को 19,980 मत। कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एनके यादव ने लगभग 10,000 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। इस प्रकार, इन चुनावों में जातीय समीकरण ने भी प्रमुख भूमिका निभाई, विशेषकर भूमिहार समाज के प्रभाव को दर्शाते हुए।
