
काठमांडू, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। चक्रवात ‘अर्नब’ के तीव्र रूप लेने के बाद नेपाल में हाई अलर्ट जारी किया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कार्यकारी प्रमुख डॉ. धर्मराज उप्रेती ने बताया कि गुरुवार से शनिवार तक उच्च सतर्कता बनाए रखने के निर्देश सभी सुरक्षा एजेंसियों को दिए गए हैं। वे कहे, “फिलहाल घबराने की स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।”
भारत के मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, चक्रवात ‘अर्नब’ बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर लैंडफाल हो गया और नेपाल में अभी पश्चिमी हवाओं का आंशिक प्रभाव देखा जा रहा है। मौसम पूर्वानुमान महाशाखा के अनुसार, बुधवार को कोशी, मधेश, बागमती और लुंबिनी प्रदेश में बादल छाए रहेंगे, जबकि कर्णाली और सुदूरपश्चिम प्रदेश में आंशिक बादल की संभावना है।
गुरुवार से कोशी, मधेश और बागमती के कुछ स्थानों तथा गंडकी, लुंबिनी, कर्णाली और सुदूरपश्चिम के एक‑दो क्षेत्रों में मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। विभूति पोखरेल, वरिष्ठ मौसम विज्ञानी, ने बताया कि शुक्रवार‑शनिवार को कोशी, मधेश, बागमती, गंडकी और लुंबिनी में भारी बारिश की संभावना है, जबकि कर्णाली व सुदूरपश्चिम के पहाड़ी‑हिमाली क्षेत्रों में भारी बर्फबारी या हिमआंधी के जोखिम बढ़ेंगे।
बारिश‑बर्फ़बारी से पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क यातायात, ट्रेकिंग मार्ग और दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है। इसलिए प्राधिकरण ने पर्यटन‑पदयात्रा एवं पर्वतारोहण की योजना बनाने वालों से उच्च पहाड़ी व हिमाली क्षेत्रों की यात्रा न करने की अपील की है। आव्रजन विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए ट्रेकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया, और पहले से यात्रा पर निकले लोगों को प्रतिकूल मौसम तक सुरक्षित स्थानों में रहने का निर्देश दिया।
सड़क व हवाई परिवहन पर भी असर की आशंका है; इसलिए आवश्यक काम के अलावा यात्रा न करने का आग्रह किया गया। संभावित बाढ़‑जोखिम वाले नदी किनारों पर रहने से बचने, मौसम संबंधी आधिकारिक जानकारी नियमित रूप से लेने और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई।
आपातकालीन सहायता के लिए 1155 पर संपर्क किया जा सकता है। अतिरिक्त हेल्पलाइन नंबर: राष्ट्रीय एवं जिला आपातकालीन संचालन केंद्र – 1234, नेपाल पुलिस – 100, सशस्त्र पुलिस बल – 1114, पर्यटन पुलिस – 1144।
