
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। विपक्षी इंडी गठबंधन ने यह घोषणा की है कि वे 30 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस कार्यक्रम को बुधवार को जयराम रमेश ने एक्स पर बताया, जहां उन्होंने उल्लेख किया कि अन्य स्थानों पर अनुमति न मिलने के कारण यह रैली शुक्रवार को दोपहर 3:30 बजे 10 राजाजी मार्ग पर आयोजित की जाएगी।
जयराम रमेश ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संविधान की भावना और उसके प्रावधानों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने सुनियोजित तरीके से चुनावी लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव को कमजोर किया है। इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के सभी संबंधित सदस्यों को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कहा था। पार्टी की योजना शुरू में इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की थी।
“कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के अनुसार, पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्यक्रम आयोजित करना चाहती थी लेकिन इसके लिए जगह तय करने में अड़चनें आईं।”
केसी वेणुगोपाल ने बताया कि अशोका होटल में कार्यक्रम की अनुमति मिलने के बाद पुलिस के हस्तक्षेप से होटल प्रबंधन ने अपने परिसर में आयोजन से इनकार कर दिया। इसके बाद रामलीला मैदान में कार्यक्रम करने की योजना बनाई गई, लेकिन 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक की बुकिंग मांग के बावजूद 30 अक्टूबर को अनुमति नहीं मिली। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि उसने 01 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली इंडी गठबंधन की रैली की अनुमति वापस नहीं ली है। पुलिस के अनुसार, कानून-व्यवस्था के दृष्टिकोण से रैली के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) दिया गया है। आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह एनओसी मैदान के मालिक प्राधिकरण से पूर्व अनुमति लेने की शर्त पर जारी किया गया था। 17 अक्टूबर के पत्र का संबंध कांग्रेस के उस अनुरोध से था, जिसमें एक नवंबर की रैली के लिए 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रामलीला मैदान बुक करने की मांग की गई थी।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन 01 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में “वोट बचाओ-देश बचाओ” के नारे के साथ महारैली आयोजित करने जा रहा है। यह विरोध प्रदर्शन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ किया जा रहा है। यह अभियान 26 अक्टूबर से 26 नवंबर तक अलग-अलग चरणों में चलेगा।
