मॉस्को। रूस ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वालदाई निवास के आसपास हवाई सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है। रेडियो लिबर्टी की जांच के मुताबिक, सैटेलाइट तस्वीरों में निवास के करीब 50 किलोमीटर के दायरे में लगभग 16 नए वायु रक्षा टावर दिखाई दिए हैं। इनके निर्माण के बाद इस क्षेत्र में टावरों की कुल संख्या 50 से अधिक हो गई है।
छह महीने में बढ़े टावर
रिपोर्ट के अनुसार, नए टावर मुख्य रूप से सुरक्षा घेरे के दक्षिणी हिस्से में बनाए गए हैं, जो यूक्रेन की दिशा में पड़ता है। इनका निर्माण पिछले छह महीनों के दौरान तेजी से हुआ है। ये जालीदार ऊंचे ढांचे छोटे दूरी के वायु रक्षा सिस्टम, जैसे पैंटसिर और टोर, को ऊंचाई पर तैनात करने के लिए बनाए गए हैं। इससे कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन और मिसाइलों को निशाना बनाने में मदद मिल सकती है।
घने जंगल और पेड़ों की ऊंचाई के कारण जमीन पर तैनात रक्षा प्रणालियों की निगरानी क्षमता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में सिस्टम को ऊंचे प्लेटफॉर्म पर लगाने से उनकी मारक क्षमता और निगरानी क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिलती है। रेडियो लिबर्टी के मार्क क्रुतोव और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (ओएसआईएनटी) विश्लेषकों ने प्लैनेट लैब्स की सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर इन ठिकानों का नक्शा तैयार किया है।
रणनीतिक ठिकाने भी सुरक्षा घेरे में
रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था केवल पुतिन के निवास तक सीमित नहीं है। इसमें खोतिलोवो एयरबेस भी शामिल है, जिसे पुतिन के लिए वैकल्पिक हवाई अड्डा माना जाता है। यह एयरबेस निवास से एक विशेष रेल लाइन के जरिए जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, विश्नी वोलोच्योक जलाशय में स्थित लिसी द्वीप भी इस सुरक्षा घेरे में आता है, जहां एक गोपनीय प्रयोगशाला होने की बात कही गई है।
इस तरह निवास, एयरबेस और अन्य रणनीतिक ठिकानों को एक साथ सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।
मॉस्को से भी अलग दिखती है सुरक्षा व्यवस्था
रिपोर्ट में वालदाई क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की तुलना मॉस्को से भी की गई है। करीब 50 किलोमीटर के दायरे में एक लाख से कम आबादी वाले इस क्षेत्र में 50 से अधिक वायु रक्षा टावर बताए गए हैं। वहीं, मॉस्को और उसके आसपास दो करोड़ से अधिक आबादी के लिए करीब 100 ऐसे टावर होने का उल्लेख किया गया है। यह तुलना वालदाई क्षेत्र को दी जा रही सुरक्षा प्राथमिकता को दर्शाती है।
यूक्रेनी हमले के दावे पर विवाद
रूस का दावा है कि यूक्रेनी ड्रोन ने पुतिन के निवास पर हमला करने की कोशिश की थी। हालांकि, कीव ने इन आरोपों से इनकार किया है। ऐसे में निवास के आसपास सुरक्षा बढ़ाने को ड्रोन हमलों के खतरे और रूस-यूक्रेन संघर्ष के लंबे खिंचने के संदर्भ में देखा जा रहा है।
आधुनिक युद्ध में कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन हवाई रक्षा प्रणालियों के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। वालदाई में ऊंचे प्लेटफॉर्म पर रक्षा प्रणालियों की तैनाती इसी चुनौती से निपटने की कोशिश मानी जा रही है। सैटेलाइट तस्वीरों और ओपन-सोर्स विश्लेषण के जरिए सामने आई ये तैयारियां रूस के महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव का संकेत देती हैं।
