
सिरोही/जयपुर, 26 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने आबूरोड स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 90वें स्थापना दिन पर आयोजित नवदशकोत्सव एवं ग्लोबल समिट में संबोधन किया। उन्होंने इस संस्थान की 90 वर्ष की आध्यात्मिक यात्रा को सेवा, साधना, शांति और विश्व बंधुत्व का प्रेरक उदाहरण बताया।
उन्हें बताया कि जागृति तभी सच्ची है जब व्यक्ति अपने विचारों को कर्म में उतारे और समाज में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्होंने जोर दिया कि निःस्वार्थ सेवा, समर्पण और सहयोग भारतीय संस्कृति की पहचान हैं और यह सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वभाव बनना चाहिए। व्यक्ति को “मैं” की बजाय “हम” की भावना के साथ समाज एवं राष्ट्र के हित में कार्य करना चाहिए।
नितिन नवीन ने अर्बुदांचल की पवित्र भूमि को योग, साधना और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने महिला नेतृत्व की भूमिका की प्रशंसा की और बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वुमन डवलपमेंट’ के बजाय ‘वुमन-लेड डवलपमेंट’ विज़न के तहत मातृशक्ति का नेतृत्व समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नशा मुक्ति अभियान पर भी प्रकाश डाला, यह कहते हुए कि युवाओं को नशे से दूर रखकर ही देश के भविष्य को सुरक्षित और सुदृढ़ बनाया जा सकता है। प्रधानमंत्री की पहल पर शुरू हुए इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से आगे बढ़ाना आवश्यक है।
नवीन ने 2047 तक “विकसित भारत” के सपने को 140 करोड़ नागरिकों का साझा संकल्प बताया और समाज के प्रत्येक सदस्य की ज़िम्मेदारी पर बल दिया। उन्होंने मूल्य शिक्षा, सेवा भावना और प्रकृति संरक्षण पर तीन प्रमुख संकल्प अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सफल आयोजन पर टिप्पणी की और बताया कि ब्रह्माकुमारी संस्थान राजयोग के माध्यम से विश्व शांति और कल्याण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ आगे बढ़ने की घोषणा की तथा एयर स्ट्रिप विकास, पर्यटन एवं सांस्कृतिक जागरूकता के लिए केंद्र सरकार से समन्वय की बात की।
उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद मदन राठौड़, ब्रह्माकुमारी संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी मोहिनी दादी, तथा अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय शामिल थे, जिन्होंने कार्यक्रम में लोक कल्याण हेतु ध्यान किया।
