
बलौदाबाजार, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन में कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से खरीफ़ मौसम में धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, लघु धान्य (कोदो, कुटकी, रागी) व कपास की फसलों के लिए पंजीयन चल रहा है। इस योजना में किसान पंजीयन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
जिला अधिकांशतः वर्षा‑आधारित होने के कारण मौसमी प्रतिकूलता और कृषि लागत में वृद्धि से कृषि आय में अनिश्चितता बनी रहती है। परिणामस्वरूप कई किसान उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, यांत्रिकीकरण और नवीन तकनीकी में आवश्यक निवेश नहीं कर पाते। ऐसी स्थिति को सुधारने और फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार ने कृषक उन्नति योजना शुरू की है, जिसमें धान के विकल्प के रूप में उल्लेखित फसलों के लिए आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
यह योजना केवल उन्हीं किसानों को लाभ देगी जिन्होंने एकीकृत किसान पोर्टल एवं एग्री स्टेक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया हो। पिछले खरीफ़ मौसम में धान लगाकर सफलतापूर्वक गिरदावरी पूर्ण करने वाले, तथा इस साल धान के स्थान पर ऊपर उल्लेखित फसलों के लिए पंजीकरण कराने वाले सभी किसान पात्र रहेंगे। विधिक व्यक्तियों, ट्रस्ट, मंडल, निजी कंपनियों, शैक्षणिक संस्थानों एवं अन्य सरकारी संस्थाओं को इस योजना से कोई लाभ नहीं मिलेगा।
धान फसल वाले किसान, जिन्होंने आगामी खरीफ़ में धान के स्थान पर अन्य फसलें अपनाने का इरादा जताया है, उन्हें ₹15,000 प्रति एकड़ की राशि मिलेगी। जबकि जो किसान पहले से ही दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी या कपास की फसल उगाते आए हैं, उन्हें ₹10,000 प्रति एकड़ की दर से सहायता दी जाएगी। इस प्रकार, योजना का उद्देश्य किसानों की आय स्थिर करना, लागत में राहत प्रदान करना और कृषि उत्पादन में विविधता लाना है।
