
इस्लामाबाद, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार को जारी एक बयान में अफगान तालिबान शासन के उस कथन को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि अफगानिस्तान के पास पाकिस्तान को अस्थिर करने की न तो क्षमता है और न ही कोई इच्छा। इस्लामाबाद ने कहा कि यह बयान वास्तविक सुरक्षा चिंताओं को नज़रअंदाज़ करने का प्रयास है।
मंत्रालय ने तालिबान से अनुरोध किया कि वह अफगान धरती से कार्य करने वाले प्रतिबंधित समूहों के बारे में दीर्घकालिक सुरक्षा मुद्दों पर ध्यान दे। बयान में कहा गया कि तालिबान के द्वारा सुरक्षा एजेंसियों पर दोष लगाकर पाकिस्तानी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश नहीं की जा सकती। मंत्रालय ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की चिंताएँ केवल अटकलों पर आधारित नहीं हैं।
मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि अफगान क्षेत्र में अभी भी सक्रिय आतंकवादी समूह मौजूद हैं। अमेरिकी विश्लेषण के अनुसार, तालिबान ने प्रतिबंधित संगठन तहरीक‑ए‑तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को अफगान धरती से काम करने की अनुमति दी है, जिससे हालिया पाकिस्तानी लक्षित हमलों में वृद्धि हुई है। रिपोर्ट ने बताया कि टीटीपी के पास 4,000 से 6,000 सैनिक हो सकते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि काबुल का यह दावा कि अफगानिस्तान के पास पाकिस्तान को अस्थिर करने की क्षमता नहीं है, वास्तविक खतरे को नहीं दर्शाता। सीमा पार घुसपैठ की लगातार कोशिशें गंभीर जांच का मुद्दा बन गई हैं। बयान में यह भी उल्लेख किया गया कि आतंकवाद‑विरोधी अभियानों के दौरान अफगान नागरिकों, आतंकवादी समूहों के सदस्यों और विदेशी मूल के हथियारों की बरामदगी हुई है।
पाकिस्तान ने यह भी उजागर किया कि तालिबान और कंधार के अधिकारी प्रतिबंधित समूहों को समर्थन दे रहे हैं। इन मुद्दों को केवल नकारने से काम नहीं चलेगा; विश्वसनीय स्पष्टीकरण और ठोस कार्रवाई की जरूरत है। मंत्रालय ने दोहराते हुए कहा कि पाकिस्तान के सुरक्षा कदम आतंकवाद के खिलाफ हैं, न कि अफगान जनसंख्या के खिलाफ।
अंत में, पाकिस्तान ने तालिबान से अनुरोध किया कि वह टीटीपी, बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी और उनसे जुड़े अन्य समूहों को समर्थन देना बंद करे, और सुनिश्चित करे कि अफगान क्षेत्र का उपयोग पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी योजना के लिए न किया जाए। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
