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मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का मुख्यालय भोपाल में, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना

भोपाल, 25 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेशवासियों को आधुनिक, सुलभ, सुरक्षित एवं पर्यावरण‑अनुकूल सार्वजनिक परिवहन प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लागू किया है। इस सेवा के सुगम संचालन हेतु मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) का मुख्यालय और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के कार्यालयों की स्थापना एवं विस्तार कार्य जारी है। मुख्यालय को भोपाल स्थित स्मार्ट सिटी परिसर में स्थापित किया जा रहा है, जहाँ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी बनायी जाएगी, जिसमें लगभग 150 अधिकारियों व कर्मचारियों के लिये बैठने की व्यवस्था होगी।

जनसंपर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने कहा, “कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से सातों क्षेत्रीय कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रदेशभर में चल रही बसों की निरन्तर निगरानी की जाएगी। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा एवं परिवहन सेवाओं की प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था भी सुनिश्चित होगी।” उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2030‑31 तक लगभग 15 हजार बसों को चलाने का लक्ष्य तय किया गया है। इन कंपनियों के तहत सिटी बस, इंटरसिटी बस और इंटरस्टेट बस सेवाएँ प्रदान की जाएँगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 25 सितंबर 2026 को पीएम‑ई‑बस सेवा‑मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया था, जिसके बाद MPYPIL के माध्यम से बस संचालन औपचारिक रूप से शुरू हो गया। बेहतर प्रबंधन, समन्वय एवं सुरक्षा के लिये मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में आवश्यक व्यवस्था विकसित की जा रही है।

सात क्षेत्रीय कंपनियों के कार्यालय भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर और रीवा में स्थापित हो रहे हैं। इनका क्रमशः नाम है: भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड, अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, जबलपुर सिटी लिंक ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, ग्वालियर‑चंबल यात्री परिवहन सेवा लिमिटेड, सागर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड और रीवा सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड।

भोपाल कार्यालय आईएसबीटी भवन में लगभग 120 कर्मचारियों के लिये तैयार हो रहा है, जहाँ कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिये नर्मदापुरम, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, हरदा और बैतूल के बस संचालन की निगरानी होगी। इंदौर व उज्जैन के कार्यालयों का कार्यान्वयन जनवरी 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है, प्रत्येक में लगभग 120 कर्मचारियों के लिये बैठने की सुविधा होगी। जबलपुर, ग्वालियर‑चंबल, सागर एवं रीवा के कार्यालयों का विस्तार क्रमशः 31 मार्च 2027 और 28 फ़रवरी 2027 तक पूरा होगा, जहाँ क्रमशः 150, 120, 125 और 150 अधिकारियों‑कर्मचारियों के लिये स्थान निर्धारित है। इन सभी केंद्रों से संबंधित जिलों में चल रही बसों की सुरक्षा, नियंत्रण व निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

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