भुवनेश्वर। ओडिशा के बलांगीर जिले में एक युवक की मौत के बाद मामला विवादों में घिर गया है। मृतक के पिता ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कुछ सप्ताह पहले हुए घरेलू विवाद के दौरान उसने मोबाइल फोन से उनके बेटे के सिर पर हमला किया था। वहीं पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में युवक लंबे समय से लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित पाया गया है। मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
पेट दर्द के बाद अस्पताल में कराया गया था भर्ती
यह मामला बलांगीर जिले के लक्ष्मीजोर थाना क्षेत्र के चिमिनी भाटीपाड़ा गांव का है। पुलिस के अनुसार, स्वप्नेश्वर मिश्रा को 9 जुलाई को तेज पेट दर्द और उल्टी की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालत गंभीर होने पर उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता ने बहू पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के पिता प्रफुल्ल कुमार मिश्रा ने लक्ष्मीजोर थाने में शिकायत देकर अपनी बहू अनामिका सतपथी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि 21 जून को पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के दौरान अनामिका ने मोबाइल फोन स्वप्नेश्वर के सिर पर फेंककर मारा था, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई और सिर पर टांके लगाने पड़े थे।
शिकायत के अनुसार, उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था और मामला पुलिस स्तर पर ही सुलझा लिया गया था।
‘अंतिम समय में बेटी से भी नहीं मिलने दिया’
प्रफुल्ल कुमार मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के बाद बहू अपने मायके वालों के साथ बेटी को लेकर चली गई थी। उनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान स्वप्नेश्वर कई बार अपनी बेटी से मिलने की इच्छा जताते रहे, लेकिन उन्हें अंतिम समय तक बेटी से मिलने का अवसर नहीं दिया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई है कि स्वप्नेश्वर लंबे समय से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे। 9 जुलाई को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
फिलहाल पुलिस ने अप्राकृतिक मौत (यूडी) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भीमा भोई मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत बीमारी के कारण हुई या पहले लगी चोट का उसमें कोई संबंध था। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
