Tuesday, July 14खबर जो असर करे |
Shadow

UNSC में 2028-29 के लिए भारत ने पेश की दावेदारी, जयशंकर ने लॉन्च किया ‘SHANTI’ मिशन; तय किए 6 एजेंडे

नई दिल्ली। भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सीट पर 2028-29 के कार्यकाल के लिए दावेदारी पेश की है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की दावेदारी का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि UNSC में भारत की रणनीति SHANTI (Securing Holistic Advancement through Norms, Trust and Integrity) के सिद्धांतों पर होगी।

विदेश मंत्री जयशंकर ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों यानी ग्लोबल साउथ की चिंताओं को प्राथमिकता देगा। भारत का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े फैसलों में ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढ़नी चाहिए और उसे वैश्विक भविष्य तय करने में बड़ी भूमिका मिलनी चाहिए।
यूएन में सुधार पर जोर
जयशंकर ने कहा कि भारत रिफॉर्म को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। विदेश मंत्री ने कहा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को ज्यादा लोकतांत्रिक, प्रतिनिधित्वपूर्ण और प्रभावी बनाने की जरूरत है। भारत का दृष्टिकोण संवाद, सहयोग और मतभेदों को दूर करने पर आधारित रहेगा।
शांति अभियानों को भविष्य के लिए तैयार करना
उन्होंने कहा, भारत संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों को आधुनिक और प्रभावी बनाने पर जोर देगा। इनमें बेहतर तकनीक, स्पष्ट लक्ष्य और वास्तविक जरूरतों पर जोर दिया जाएगा। साथ ही भारत महिला शांति सैनिकों की भूमिका को भी बढ़ावा देगा।

AI को मानव-केंद्रित बनाने पर फोकस
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को समावेशी, सुरक्षित और जनहित से जुड़ा बनाने की दिशा में काम करेगा। साथ ही AI के गलत इस्तेमाल और इससे पैदा होने वाले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा खतरों से निपटने पर भी जोर दिया जाएगा।
समुद्री सुरक्षा पर जोर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, भारत मुक्त, खुले और नियम आधारित समुद्री व्यवस्था को बढ़ावा देगा। इसमें अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून, खासकर UNCLOS के नियमों के पालन पर जोर रहेगा। समुद्री व्यापार की सुरक्षित आवाजाही, समुद्री डकैती रोकना, नाविकों की सुरक्षा और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान भारत की प्राथमिकताओं में शामिल होंगे।
आतंकवाद और टेरर फंडिंग के खिलाफ सख्त रुख
भारत आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए प्रभावी और लगातार प्रयासों की वकालत करेगा। जयशंकर ने कहा कि आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाने के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और सबूत आधारित प्रक्रिया जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *