अहमदाबाद। अहमदाबाद (Ahmedabad) में इबोला संक्रमण (Ebola infection) को लेकर खास एहतियात बरते जा रहे हैं। गुजरात (Gujarat) के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया (Health Minister Praful Pansheriya) ने बुधवार को बताया कि कांगो से आए एक 37 साल के व्यवसायी और उनके संपर्क में आए 3 अन्य लोगों को एहतियात के तौर पर अहमदाबाद के अस्पतालों में पृथकवास (आइसोलेशन) में रखा गया है। बुखार होने पर व्यवसायी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उनकी हालत स्थिर बताई जाती है। इस व्यवसायी के ब्लड सेंपल को जांच के लिए पुणे भेजा गया है। सूबे में अभी तक इबोला संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने बुधवार को बताया कि 37 साल का एक व्यवसायी लगभग 5 से 7 दिन पहले कांगो से मुंबई पहुंचा था। इसके बाद वह वडोदरा चला गया। बुखार होने पर उसे वडोदरा के बैंकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। कारोबारी को तुरंत अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां उसे इबोला वार्ड में भर्ती कराया गया है। सूबे में अभी तक इबोला संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
आइसोलेशन में कुल 4 लोग
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने बताया कि भर्ती मरीज की हालत फिलहाल स्थिर है। वह सुरक्षित है। उसका बुखार नियंत्रण में है। मरीज के संपर्क में आए लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखे हैं। उसके साथ आए दो अन्य व्यक्तियों को भी एहतियात के तौर पर अहमदाबाद के एसवीपी अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इन लोगों के संपर्क में आए एक अन्य व्यक्ति को भी आइसोलेशन में रखा गया है। इस तरह कुल चार लोग आइसोलेशन में हैं।
10 से 11 दिनों तक आइसोलेशन में बिताएंगे
मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने बताया कि ये चारों लोग 10 से 11 दिनों तक आइसोलेशन में रहेंगे। इन सभी के ब्लड सेंपल जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला के प्रकोप को सार्वजनिक हेल्थ इमरजेंसी (पीएचईआईसी) घोषित किया था।
युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वालों की गहन जांच
कई अफ्रीकी देशों में इबोला के प्रकोप को देखते हुए गुजरात सरकार भी सचेत है। स्वास्थ्य विभाग अहमदाबाद एयरपोर्ट पर युगांडा, कांगो और दक्षिण सूडान से आने वाले यात्रियों की गहन जांच कर रहा है। सरकारी अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड तैयार कर लिए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसी तरह के एक अन्य मामले में एक शख्स को आइसोलेशन में रखा गया था। बाद में उसकी रिपोर्ट में सक्रमण की पुष्टि नहीं हुई थी।
सरकार बोली- घबराने की जरूरत नहीं
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- फिलहाल घबराने की कोई वजह नहीं है। भारत या गुजरात में इबोला वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है। एहतियात के तौर पर हम इन देशों से आने वाले यात्रियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और पूरी सजगता से काम कर रहा है। यह निगरानी खासकर लोगों के लिए है जिनमें हल्के बुखार, सर्दी या खांसी जैसे लक्षण दिखाई देते हों।
