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दुर्लभ प्रतिबंधित प्रजा‍ति के कछुओं की तस्करी के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

भोपाल। मध्यप्रदेश के विभिन्न शहरों में रेल नेटवर्क के जरिये दुर्लभ प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी में शामिल संगठित गिरोह के आरोपी परवेज खान और दीपक पारखे की प्रथम जमानत याचिका माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर द्वारा खारिज कर दी गई है।

3 फरवरी को पटना-इंदौर एक्सप्रेस में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश, भोपाल, रेल्वे सुरक्षा बल (RPF) एवं वनमण्डल भोपाल के द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए संत हिरदाराम स्टेशन से एक आरोपी अजय सिंह राजपूत वल्द राजकुमार निवासी इंदौर जो प्रथम श्रेणी वातानकूलित श्यानयान (फस्ट एसी कोच) में Attendant के रूप में कार्यरत था, उसके पास से 311 नग दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के जीवित कछुओं को जप्त कर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने वन अपराध प्रकरण 237/23 दिनांक 3 फरवरी पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी को फारेस्ट रिमाण्ड में लेकर पूछताछ के बाद वैज्ञानिक साक्ष्यों का संग्रहण कर प्रदेश के भीतर कई शहरों नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर एवं प्रदेश के बाहर लखनऊ (उत्तरप्रदेश) में कई दल बनाकर एक साथ छापामार कार्यवाही करते हुए जलीय वन्यजीव कछुओं के अवैध व्यापार में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया, जो रेल के माध्यम से विगत कुछ समय से वन्यजीवों की तस्करी में लिप्त था। गिरोह के कई सदस्यों जो कि Pet shop Owner, Pet Parrent, Dog Breeder & Rail AC First Coach Attendant है, उक्त कार्यवाही में कुल 313 नग जीवित दुर्लभ, प्रतिबंधित एवं अनुसूची-। में दर्ज चार विभिन्न प्रजाति के वन्यजीव कछुओं (Indian Tent Turtle, Indian Roofed Turtle, Crowned River Turtle & Star Tortoise) एवं 2 नग जीवित वन्यजीव Rase-ring panaker को जप्त किया गया। साथ ही अपराध में प्रयुक्त आरोपियों से 1 नग मोटरसाइकिल एवं 8 नग मोबाइल फोन को भी जप्त कर मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के विभिन्न शहरों से 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रकरण में शामिल आरोपी परवेज खान निवासी रतलाम व दीपक पारखे, निवासी इंदौर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर में प्रथम जमानत याचिका दायर की जिसे माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर द्वारा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई भोपाल द्वारा की गई सटिक विवेचना एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलो, दुर्लभ जलीय वन्यजीव की तस्करी के अंतराज्जीय गिरोह से संबंधित होकर अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकति के आधार पर खारिज की गई। प्रकरण में अभी विवेचना जारी है।

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