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Day: October 30, 2026

वेक्ट्रास एनप्रोकोन लिमिटेड का सार्वजनिक इश्यू कल शुरू, 6 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की संभावना

वेक्ट्रास एनप्रोकोन लिमिटेड का सार्वजनिक इश्यू कल शुरू, 6 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग की संभावना

आर्थिक
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। वेक्ट्रास एनप्रोकोन लिमिटेड, जो तेल‑गैस उद्योग के मिड और डाउन‑स्ट्रीम सेगमेंट में पाइपलाइन नेटवर्क, कंबाइंड स्टेशन तथा बुनियादी ढांचा निर्माण में संलग्न प्रमुख ईपीसी फर्म है, का 53.05 करोड़ रुपये का आईपीओ कल अर्थात 30 अक्टूबर से सब्सक्रिप्शन के लिए खुला गया है। गुजरात‑स्थित यह कंपनी सार्वजनिक एवं निजी दोनों क्षेत्रों की बड़ी तेल‑गैस कंपनियों को सेवाएँ देती है। निवेशक 3 नवंबर तक बोली लगा सकते हैं; क्लोज़िंग के बाद 4 नवंबर को अलॉटमेंट किया जायेगा, और 5 नवंबर को सफल निवेशकों के डी‑मैट खाते में शेयरों की क्रेडिट तथा अनअलॉटेड निवेशकों को रिफंड प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। शेयरों की लिस्टिंग 6 नवंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एसएमई प्लेटफ़ॉर्म पर होने की संभावना है। इश्यू की कीमत का बैंड ₹99‑₹105 प्रति शेयर तय किया गया है और लॉट साइज 1,200 शेयर है। रिटेल निवेश...
इंडिगो का जुलाई‑सितंबर तिमाही में घाटा कम होकर 1,879.1 करोड़ रुपये

इंडिगो का जुलाई‑सितंबर तिमाही में घाटा कम होकर 1,879.1 करोड़ रुपये

आर्थिक
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (इंटरग्लोब एविएशन) ने चालू वित्तीय वर्ष 2026‑27 की (जुलाई‑सितंबर) दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी ने बताया कि इस अवधि में एकीकृत शुद्ध घाटा लगभग 27 % घटकर 1,879.1 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में घाटा 2,582.1 करोड़ रुपये था। वित्तीय डेटा के अनुसार, इंटरग्लोब एविएशन की कुल आय इस तिमाही में 24,311.9 करोड़ रुपये तक बढ़ी, जो एक साल पहले की तुलना में 19,599.5 करोड़ रुपये थी। वहीं कुल खर्च में वृद्धि हुई और यह 26,188.4 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। विशेष रूप से, विमान ईंधन पर खर्च 9,996.8 करोड़ रुपये रहा, जो उच्च तेल मूल्य और मौसमी मांग में कमी के कारण बढ़ा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विली वॉल्श ने कहा, “सितंबर तिमाही आमतौर पर मौसमी रूप से कमजोर रहती है, ईंधन की कीमतें अत्यधिक रही और भू‑राजनीति...
महेंद्रनाथ सरोवर को जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में पहचान मिलने के प्रयास

महेंद्रनाथ सरोवर को जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में पहचान मिलने के प्रयास

लोक रुचि
Siwan, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। इस दिन सीवान में एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान महेंद्रनाथ सरोवर को जैव विविधता विरासत स्थल के रूप में चुनने के लिए योजनाएँ आगे बढ़ाने की बात सामने आई। बिहार राज्य जैव विविधता पर्षद की एक चार-सदस्यीय टीम, जिसमें विषय क्षेत्र के विशेषज्ञ अमरेश बिहारी झा, युवा पेशेवर हर्षिता प्रकाश, इंटर्न दिवाकर कुमार और सुनंदा कुमारी शामिल थे, ने पटना से इस परियोजना पर चर्चा की। टीम ने जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा से मुलाकात कर चयन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजीकरण और संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बात की। बैठक के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जैव विविधता सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर सरोवर का मूल्यांकन किया जाएगा और संबंधित ग्राम पंचायतों तथा स्थानीय निकायों से अनुशंसा प्राप्त की जाएगी। स्थानिक स्तर पर स्थानीय भागीदारी को मजबूती देने के लिए ग्राम पंचायतों और जैव विविधता प्रब...
हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: 80 % किसान पराली जलाना नहीं चाहते

हरियाणा में पराली प्रबंधन पर सीईईडब्ल्यू का अध्ययन: 80 % किसान पराली जलाना नहीं चाहते

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। काउंसिल ऑन एनर्जी, एन्वायरमेंट एंड वाटर (सीईईडब्ल्यू) द्वारा जारी एक नवीनतम रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 के जनवरी से मार्च तक हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों के बीच एक सर्वेक्षण किया गया। इस अध्ययन के अनुसार, पांच में से चार (लगभग 80 %) किसान पराली को जलाने के बजाय अन्य तरीकों को चुनने को तैयार हैं। पराली की गांठें बनवाने वाले किसानों में से केवल सात प्रतिशत को खरीदारों से भुगतान मिलता है, जबकि लगभग 62 % किसान पराली को बिना किसी मूल्य के दे देते हैं। लगभग 31 % किसानों को अपने खेत साफ़ कराने के लिये प्रति एकड़ लगभग एक हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पराली प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीके हैं: 39 % किसान पराली को पशु चारे के रूप में उपयोग करते हैं, 38 % इसे गांठें बनवाते हैं, और 32 % सुपर सीडर जैसी मशीनों से खेत में मिलाते हैं। कई...
न्यायपालिका की गरिमा व अनुशासन की लक्ष्मण रेखा

न्यायपालिका की गरिमा व अनुशासन की लक्ष्मण रेखा

लेख
By: of The-Lakshman-Rekha-line न्यायपालिका की गरिमा व अनुशासन की लक्ष्मण रेखा डाॅ. अरविंद नाथ तिवारी न्यायपालिका पर न्याय, निष्पक्षता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति आम नागरिक का विश्वास टिका होता है। न्यायालय के भीतर अनुशासन, पद की मर्यादा और परस्पर सम्मान का विशेष महत्व है लेकिन जब न्यायालय की कार्यवाही के दौरान किसी घटना को लेकर न्यायाधीश और अधिवक्ता के आचरण पर सवाल उठने लगता है तो यह केवल संबंधित व्यक्तियों तक सीमित विषय नहीं रह जाता बल्कि न्यायिक व्यवस्था की कार्य संस्कृति और संस्थागत गरिमा पर व्यापक बहस का कारण बन जाता है। हाल ही में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्याय कक्ष संख्या-49 में न्यायमूर्ति अजय भनोट से संबंधित एक घटनाक्रम को लेकर अधिवक्ताओं के बीच असंतोष की चर्चा सामने आई है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, न्यायालय में एक जनपद के पुलिस अधीक्षक के प्रथम पंक्ति में बैठने और एक अधिवक...
हरियाणा किसान पराली प्रबंधन में बदलाव, 80% नहीं जलाएँगे, 7% को मिले भुगतान

हरियाणा किसान पराली प्रबंधन में बदलाव, 80% नहीं जलाएँगे, 7% को मिले भुगतान

राष्ट्रीय
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर (प्रेस ब्यूरो)। सीईईडब्ल्यू ने हाल ही में हरियाणा के 12 जिलों के 144 गांवों में 1,588 किसानों पर जनवरी‑मार्च 2026 के दौरान सर्वेक्षण किया। अध्ययन के मुताबिक, इस क्षेत्र के 80 प्रतिशत किसान पराली को जलाने से परहेज करने को तैयार हैं, जबकि केवल 7 प्रतिशत को ही पराली की गांठें बनाने वाले खरीदारों से भुगतान मिल रहा है। 62 प्रतिशत किसान पराली को निःशुल्क दे रहे हैं और 31 प्रतिशत को खेत साफ़ कराने के लिये प्रति एकड़ लगभग 1,000 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। किसान पराली के प्रबंधन के तीन प्रमुख तरीकों का चयन कर रहे हैं: 39 प्रतिशत इसे पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करते हैं, 38 प्रतिशत इसे गांठों के रूप में बनवाते हैं, और 32 प्रतिशत सुपर‑सीडर जैसी मशीनों के द्वारा अवशेषों को मिट्टी में मिला देते हैं। अधिकांश किसान (80 प्रतिशत) 2026 में भी इन तरीकों को जारी रखने का इरादा रखत...
जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्रों को करें सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्रों को करें सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

मध्य प्रदेश, राज्य
मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज भोपाल में आयोजित बैठक में स्वास्थ्य कार्यक्रमों के कार्यान्वयन पर निर्देश दिए। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत चल रहे राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), एनीमिया मुक्त भारत अभियान और आशा कार्यक्रम की समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालयों में चल रहे जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्रों (डीईआईसी) में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना और रिक्त पदों पर तुरंत नियुक्ति करनी चाहिए। उन्होंने आरबीएसके 2.0 पोर्टल पर 4डी के अंतर्गत चिन्हित बच्चों की स्क्रीनिंग से लेकर उपचार पूर्ण होने तक की सभी जानकारी अनिवार्य रूप से दर्ज करने का आदेश दिया। साथ ही, बच्चों में स्वास्थ्य समस्याओं और बीमारियों की प्रारंभिक पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करने पर जोर दिया। एनीमिया मुक्त भारत अभियान के दौरान उप मुख्यमंत्री ने एएनए...