फैमिली पेंशन सिर्फ जीवनसाथी तक सीमित नहीं, इन परिस्थितियों में बच्चों और माता-पिता को भी मिलता है लाभ
नई दिल्ली। किसी सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की मृत्यु के बाद उसके आश्रित परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए फैमिली पेंशन की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कमाने वाले सदस्य के निधन के बाद परिवार को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहे। हालांकि आम धारणा के विपरीत फैमिली पेंशन केवल पति या पत्नी तक सीमित नहीं होती। निर्धारित शर्तों के तहत बच्चों, दिव्यांग आश्रितों और कुछ मामलों में माता-पिता को भी इसका लाभ मिल सकता है।
क्या होती है फैमिली पेंशन?
फैमिली पेंशन वह मासिक वित्तीय सहायता है, जो किसी सरकारी कर्मचारी या पेंशन प्राप्त कर रहे व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके पात्र आश्रितों को दी जाती है। यह कर्मचारी की स्वयं की पेंशन से अलग होती है और केवल मृत्यु के बाद लागू होती है। केंद्र सरकार, राज्य सरकार, रक्षा सेवाओं और ईपीएफओ जैसी विभिन्न योजनाओं में इसके नियम अलग-अलग हो...









