नई दिल्ली। यूरोप इस समय रिकॉर्डतोड़ गर्मी की चपेट में है और इसका सबसे अधिक असर फ्रांस में देखने को मिल रहा है। लगातार बढ़ते तापमान के बीच फ्रांस के एक स्टोर में एयर कंडीशनर खरीदने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दुकान खुलते ही ग्राहक एसी और अन्य कूलिंग उपकरण लेने के लिए दौड़ पड़े। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो फ्रांस के चैम्बरी शहर के एक स्टोर का बताया जा रहा है, जिसे स्थानीय मीडिया संस्थान Cpasdeslol ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया है। वीडियो में दर्जनों लोग स्टोर का शटर खुलते ही तेजी से अंदर प्रवेश करते दिखाई देते हैं। कई ग्राहक एसी तक पहले पहुंचने की कोशिश में एक-दूसरे से आगे निकलते नजर आते हैं, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई।
रिकॉर्ड गर्मी से बढ़ी कूलिंग उपकरणों की मांग
फ्रांस समेत यूरोप के कई देशों में इन दिनों भीषण हीटवेव का असर है। बढ़ती गर्मी के कारण एयर कंडीशनर और कूलिंग उपकरणों की मांग अचानक बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, पेरिस सहित कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि देश का औसत तापमान भी सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई दिनों से पड़ रही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का घरों में रहना मुश्किल कर दिया है। यही वजह है कि बाजारों में एसी और कूलर की खरीदारी तेज हो गई है।
‘हीट डोम’ बना भीषण गर्मी की वजह
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस असामान्य गर्मी के पीछे “हीट डोम” (Heat Dome) नामक मौसमीय स्थिति प्रमुख कारण है। इसमें उच्च वायुदाब का क्षेत्र गर्म हवा को एक स्थान पर रोक देता है, जिससे कई दिनों तक तापमान लगातार ऊंचा बना रहता है। साफ आसमान और तेज धूप के कारण गर्मी और अधिक बढ़ जाती है तथा राहत मिलने में समय लगता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी हीटवेव पहले की तुलना में अधिक बार और अधिक तीव्र रूप में सामने आ रही हैं।
इटली और स्पेन भी गर्मी की चपेट में
फ्रांस के अलावा इटली और स्पेन के कई हिस्सों में भी भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। कई क्षेत्रों में प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक तापमान बढ़ने की रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हुआ, तो भविष्य में यूरोप सहित दुनिया के कई हिस्सों में इस तरह की चरम मौसमीय घटनाएं और अधिक सामान्य हो सकती हैं।
