फिटनेस टेस्ट में फेल, फिर मिलेट्स से जीता विश्व बाजार, ये है शुभम तिवारी की प्रेरक कहानी
शहडोल! शहडोल के 30 वर्षीय युवा उद्यमी शुभम तिवारी की कहानी हर बेरोजगार युवा के लिए एक मिसाल है। नौकरी के लिए मेडिकल फिटनेस टेस्ट में असफल होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी। तीन साल की कड़ी मेहनत से मिलेट्स उत्पादों पर रिसर्च कर विदेशों तक अपनी पहचान बना ली। जर्मनी से मंगाईं आठ अत्याधुनिक मशीनें, गल्फ कंट्री, श्रीलंका, यूरोप और अमेरिका से 42 टन का प्री-ऑर्डर, 50 हजार किलो से ज्यादा घरेलू बुकिंग! और उसके बाद सफलतापूर्वक किए जा रहे सफल प्रसासों से शुभम साबित कर रहे हैं कि असफलता बस एक नया रास्ता दिखाने का बहाना है।
दरअसल असफलता नया अवसर है। नेशनल हाईवे 43 पर स्थित ये यूनिट, जहां एक घंटे में एक टन अनाज प्रोसेस होता है, राज्य के शहडोल संभाग की पहली ऐसी सुविधा है।अगर आप भी बेरोजगार हैं, तो उनकी ये कहानी आपको उत्साह से भर देगी, क्योंकि सपनों को हकीकत में बदलना हर युवा के बस की बात है!
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