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अंतरराष्ट्रीय

US: ट्रंप को बड़ा झटका…. यौन शोषण मामले में जीन कैरोल को मिले 5.63 मिलियन डॉलर

US: ट्रंप को बड़ा झटका…. यौन शोषण मामले में जीन कैरोल को मिले 5.63 मिलियन डॉलर

अंतरराष्ट्रीय
वाशिंगटन। अमेरिकी लेखिका ई. जीन कैरोल (American writer E. Jean Carroll) को डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से करीब 56 लाख 30 हजार डॉलर (लगभग 5.63 मिलियन डॉलर) मिल गए हैं. यह पैसा उन्हें 2023 में एक जूरी के फैसले के बाद मिला है, जिसमें ट्रंप को कैरोल का यौन उत्पीड़न करने और उन्हें बदनाम करने का दोषी ठहराया गया था। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक यह रकम सोमवार को कैरोल की लॉ फर्म को भेज दी गई. यह फैसला ट्रंप की आपत्तियों के बावजूद लिया गया. जज लुईस कैप्लान (Judge Lewis Kaplan) ने पांच दिन पहले ही इस भुगतान को मंजूरी दी थी। यह रकम मूल रूप से 5 मिलियन डॉलर के सिविल वर्डिक्ट और उस पर लगे ब्याज को मिलाकर बनी है. यह पहली बार है जब ट्रंप को कैरोल को कोई भुगतान करने पर मजबूर होना पड़ा है। पिछले सात साल में कैरोल कुल 88.3 मिलियन डॉलर के सिविल फैसले ट्रंप के खिलाफ जीत चुकी हैं. यह मामला 1996 के आसपास ...
IAEA को न्यूक्लियर साइट के पास फटकने भी ना देंगे, US-ईरान जंग के बीच तेहरान ने खड़ा किया नया बखेड़ा

IAEA को न्यूक्लियर साइट के पास फटकने भी ना देंगे, US-ईरान जंग के बीच तेहरान ने खड़ा किया नया बखेड़ा

अंतरराष्ट्रीय
तेहरान। ईरान के विदेश मंत्रालय ने हालिया अमेरिकी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इनसे महीनों की कूटनीतिक कोशिशों को नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा, कि अमेरिकी सरकार ने होर्मुज़ में ज़रूरी इंतज़ाम लागू करने की ईरान की प्रक्रिया में खुलेआम बाधा डाली है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से शुरू हुई जंग के बीच तेहरान ने आज (सोमवार, 13 जुलाई को)दो टूक लहजे में कहा है कि वह अपने कुछ परमाणु केंद्रों पर अंतरराष्ट्रीय निरीक्षण फिर से शुरू करने के लिए सहमत नहीं होगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई से जब सवाल किया गया कि क्या ईरान संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को परमाणु स्थलों तक फिर से पहुँचने की अनुमति देगा, तो उन्होंने कहा कि ईरान इस अनुरोध को स्वीकार नहीं करेगा। यह रुख ईरान और अमेरिका के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) ...
‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में नहीं थी भाड़े की भीड़…. आयोजक बोले… माफी मांगे राहुल गांधी और खरगे

‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में नहीं थी भाड़े की भीड़…. आयोजक बोले… माफी मांगे राहुल गांधी और खरगे

अंतरराष्ट्रीय, पॉलिटिक्स, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न (Melbourne, Australia) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के स्वागत के लिए आयोजित 'मेलबर्न मीट्स मोदी' (Melbourne Meets Modi) कार्यक्रम के आयोजकों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) को एक खुला खत लिखा है. इस खत में उन्होंने कांग्रेस नेताओं की तरफ से लगाए गए उन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है, जिसमें कार्यक्रम में शामिल लोगों को 'पेड क्राउड' यानी पैसे देकर जुटाई गई भीड़ बताया गया था. आयोजकों ने दोनों नेताओं से यह आरोप वापस लेने के साथ ही सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। यह खुला खत उन कम्युनिटी वॉलंटियर्स की तरफ से जारी किया गया है, जिन्होंने 9 जुलाई को मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में हुए कार्यक्रम के लिए सिडनी से मेलबर्न तक 'मोदी एयरवेज' नाम की चार्टर...
नेपाल में भूमिहीनों की बेदखली पर बढ़ा विरोध, बालेन शाह सरकार के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

नेपाल में भूमिहीनों की बेदखली पर बढ़ा विरोध, बालेन शाह सरकार के फैसले के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी

अंतरराष्ट्रीय
काठमांडू। नेपाल में भूमिहीन झुग्गीवासियों को वैकल्पिक पुनर्वास उपलब्ध कराए बिना अस्थायी आवास खाली कराने के सरकारी फैसले के विरोध में राजधानी काठमांडू में रविवार को प्रदर्शन हुआ। संयुक्त राष्ट्रीय भूमिहीन मोर्चा के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सरकार से पुनर्वास सुनिश्चित करने के बाद ही बेदखली की कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन काठमांडू के सिंहदरबार सचिवालय के सामने स्थित मैतीघर मंडला में हुआ, जहां लोगों ने मानवाधिकारों की रक्षा, कथित अवैध गिरफ्तारियां रोकने और भूमिहीन परिवारों को स्थायी आश्रय उपलब्ध कराने की मांग उठाई। बाढ़ के बाद बढ़ी मुश्किलें विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुआ जब शुक्रवार रात कीर्तिपुर स्थित सरकार के एक अस्थायी पुनर्वास केंद्र में बाढ़ का पानी भर गया। अधिकारियों के अनुसार, वहां रह रहे करीब 150 लोगों को सुरक्षा बलों की मदद से सुरक्...
US-ईरान तनाव से फिर उछले कच्चे तेल के दाम, क्या 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं कीमतें?

US-ईरान तनाव से फिर उछले कच्चे तेल के दाम, क्या 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं कीमतें?

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने एक बार फिर वैश्विक ऊर्जा बाजार की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में हालात बिगड़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो वैश्विक बाजार में कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है। कच्चे तेल में तेज उछाल बाजार में कारोबारी गतिविधियों के दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि WTI क्रूड और मर्बन क्रूड भी मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक जोखिम और तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता है। विश्लेषकों का कहना है कि किसी भी बड़े सैन्य टकराव का सीधा असर ऊर्जा बाजार पर पड़ता है, क्योंकि इस क्षेत्र से...
ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, भारत पर 500% टैरिफ वाला ला रहे थे बिल

ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन, भारत पर 500% टैरिफ वाला ला रहे थे बिल

अंतरराष्ट्रीय
वॉशिंगटन: साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधन हो गया। यह जानकारी ग्राहम के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर जारी एक बयान में दी गई। एक्स पर जारी एक बयान में कहा गया है कि 'सीनेटर ग्राहम का परिवार इस समय प्रार्थनाओं के लिए आभारी है और इस बेहद मुश्किल दौर में निजता बनाए रखने का अनुरोध करता है।' आपको बता दें कि सीनेटर लिंडसे ग्राहम डोनाल्ड ट्रंप के काफी करीबी थे और इस वक्त उस बिल को पारित करवाने की तैयारी कर रहे थे जिसमें भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान था। ये बिल रूसी तेल खरीदने वाले देशों पर भारी भरकम टैरिफ लगाने को लेकर था जिसको लेकर ट्रंप प्रशासन से समझौता हो गया था। लेकिन अब उनका निधन हो गया है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का निधनएनबीसी न्यूज ने बताया है कि लिंडसे ग्राहम को शनिवार की रात उनके कैपिटल हिल निवास पर 'कार्डियक अरेस्ट' आया था जिसके बाद डॉक...
मिस्र में खुदाई के दौरान मिली 3000 साल पुराने ‘T’ शेप की रहस्यमयी कब्र, देवी-देवताओं के चित्र भी मिले

मिस्र में खुदाई के दौरान मिली 3000 साल पुराने ‘T’ शेप की रहस्यमयी कब्र, देवी-देवताओं के चित्र भी मिले

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्‍ली। मिस्र हमेशा से ही अपने पिरामिडों, ममी और रहस्यों के लिए दुनिया भर में मशहूर रहा है. दक्षिण मिस्र के लक्सर शहर में पुरातत्वविदों को एक या दो साल नहीं, बल्कि करीब 3,000 साल पुराना मकबरा मिला है. यह खोज उस समय की है जिसे इतिहास में 'रामेसाइड काल' कहा जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से न सिर्फ मिस्र के इतिहास को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे देश के पर्यटन को भी एक नया बूस्ट मिलेगा. मिस्र के लक्सर शहर में वैज्ञानिकों को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. अधिकारियों ने बताया कि यहां एक प्राचीन मकबरा मिला है जो करीब 3,000 साल पुराना है. यह खोज लक्सर शहर के वेस्ट बैंक पर स्थित 'शेख अब्द अल-कुरना' कब्रिस्तान में की गई है. इस खोज को लीडन यूनिवर्सिटी के एक डच पुरातत्व मिशन ने अंजाम दिया है. मिस्र के पर्यटन और पुरावशेष मंत्रालय ने भी इस खोज की पुष्टि की है और इस...
कोरोना के नए वैरिएंट BA.3.2 पर वैज्ञानिकों की नजर, भारत में अब तक नहीं मिला कोई मामला

कोरोना के नए वैरिएंट BA.3.2 पर वैज्ञानिकों की नजर, भारत में अब तक नहीं मिला कोई मामला

अंतरराष्ट्रीय, ब्रेकिंग न्यूज़
नई दिल्ली। कोविड-19 के एक नए वैरिएंट BA.3.2 को लेकर वैज्ञानिकों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। शुरुआती अध्ययनों के अनुसार, इस वैरिएंट में बड़ी संख्या में आनुवंशिक बदलाव (म्यूटेशन) पाए गए हैं, जिससे यह पहले के संक्रमण या वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा को कुछ हद तक प्रभावित कर सकता है। हालांकि, अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है कि यह वैरिएंट पहले के मुकाबले अधिक गंभीर बीमारी पैदा करता है। भारत में फिलहाल BA.3.2 का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। स्पाइक प्रोटीन में कई नए बदलाव रिपोर्टों के मुताबिक, BA.3.2 में JN.1 वैरिएंट की तुलना में स्पाइक प्रोटीन में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन और डिलीशन दर्ज किए गए हैं। नवंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड में किए गए जीनोमिक विश्लेषण में कुछ नमूनों में यह वैरिएंट पाया गया। इसके अलावा अमेरिका के कई राज्यों में मरीजों के...
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रूसी तेल की जमकर हो रही खरीदी… रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा भारत का आयात

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच रूसी तेल की जमकर हो रही खरीदी… रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा भारत का आयात

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। अमेरिका-ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध (America-Iran War) से ग्लोबल टेंशन (Global Tension) फिर से चरम पर पहुंच गई है और होर्मुज स्ट्रेट बंद (Hormuz Strait Closure) होने के चलते दुनिया के तमाम देशों के सामने तेल-गैस का संकट गहराने लगा है. वहीं दूसरी ओर भारत की बात करें, तो मिडिल ईस्ट के देशों तनाव के बीच भारत ने अपने तेल आयात में विविधता लाने का जो कदम Plan-B के तहत उठाया, उसका फायदा मिल रहा है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भी भारत लगातार रूसी तेल खरीदने (India's Russian Oil Import) में लगा है और ताजा आंकड़े देखें, तो जून महीने में भारत की रूसी तेल आयात रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, इसमें 34 फीसदी का जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया है। CREA की रिपोर्ट में बड़ा खुलासाएक रिपोर्ट में सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) के हवाले से बताया गया है कि रूस के कुल तेल निर्यात राजस्व मे...
अमेरिका के प्रस्तावित 12.5% ​​टैरिफ का भारत ने किया कड़ा विरोध… पुनर्विचार करने को कहा

अमेरिका के प्रस्तावित 12.5% ​​टैरिफ का भारत ने किया कड़ा विरोध… पुनर्विचार करने को कहा

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक, राष्ट्रीय
नई दिल्ली। भारत (India) ने अमेरिका (America) की ओर से प्रस्तावित 12.5 प्रतिशत टैरिफ (Tariff) का कड़ा विरोध किया है। नई दिल्ली की ओर से कहा गया कि दोनों देशों के बीच व्यापार (Trade) से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान एकतरफा कदमों के बजाय द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से अपने प्रस्ताव पर फिर से विचार करने की अपील की है। यह मामला यूएसटीआर की धारा 301 के तहत की गई उस जांच से जुड़ा है, जिसमें जबरन श्रम से बने उत्पादों के आयात को लेकर कई देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। भारत का कहना है कि उसने इस मुद्दे पर हमेशा गंभीरता व पारदर्शिता के साथ सहयोग किया है और उसके संवैधानिक व अंतरराष्ट्रीय दायित्व भी जबरन श्रम के खिलाफ हैं। इसलिए भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का कोई उचित आधार नहीं बनता। वाणिज्य व उद्योग मं...