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अंतरराष्ट्रीय

ईरान-अमेरिका युद्ध में सऊदी के कूदने से कच्चे तेल के दाम में फिर तेजी…. $100 की ओर बढ़ा

ईरान-अमेरिका युद्ध में सऊदी के कूदने से कच्चे तेल के दाम में फिर तेजी…. $100 की ओर बढ़ा

अंतरराष्ट्रीय, आर्थिक
नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran-America War) में सऊदी अरब (Saudi Arabia) के कूदने और इसकी आग इराक तक फैलने की वजह से कच्चा तेल (Crude oil) उबलने लगा है। ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल की ओर कदम बढ़ा दिया है। इससे भारत में पेट्रोल-डीजल के सस्ता होने की उम्मीदों को झटका लगा है। साथ ही कच्चे तेल के महंगा होने का असर शैंपू से लेकर सड़क बनाने तक पर पड़ता है। एक अनुमान के मुताबिक एक बैरल कच्चे तेल में 10 डॉलर की बढ़ोतरी की वजह से कंपनियों को करीब 6 रुपये प्रति लीटर का नुकसान होता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) के ईरान पर नए हमलों की धमकी और अमेरिकी तेल भंडार में आई गिरावट के बाद कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर आग लग गई है। खासकर ब्रेंट क्रूड के भाव में। बुधवार को ब्रेंट क्रूड 7.91 प्रतिशत की तेज उछाल के साथ 90.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है...
चीन ने बनाया ‘आर्टिफिशियल सन’ का सबसे अहम हिस्सा, 21 मीटर लंबा सुपर मैग्नेट फ्यूजन एनर्जी की दिशा में बड़ी छलांग

चीन ने बनाया ‘आर्टिफिशियल सन’ का सबसे अहम हिस्सा, 21 मीटर लंबा सुपर मैग्नेट फ्यूजन एनर्जी की दिशा में बड़ी छलांग

अंतरराष्ट्रीय
बीजिंग। स्वच्छ और असीमित ऊर्जा की तलाश में चीन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। देश के वैज्ञानिकों ने परमाणु संलयन (न्यूक्लियर फ्यूजन) रिएक्टर के लिए विशाल सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट तैयार किया है, जिसे 'आर्टिफिशियल सन' (कृत्रिम सूरज) परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल होती है तो भविष्य में बिना कार्बन उत्सर्जन के बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन संभव हो सकेगा। 2030 तक बिजली उत्पादन का लक्ष्य रिपोर्टों के अनुसार, चीन की योजना वर्ष 2030 तक इस तकनीक के जरिए ऊर्जा उत्पादन शुरू करने की है। इस परियोजना पर काम कर रहे इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा फिजिक्स ने डी-आकार (D-Shape) वाले टोरोइडल फील्ड सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट का निर्माण किया है। इसकी लंबाई 21 मीटर, वजन 582 टन बताया गया है। यह फ्यूजन रिएक्टर के भीतर अत्यधिक गर्म प्लाज्मा को न...
‘समझौता करो, वरना कार्रवाई होगी’… ट्रंप की ईरान को नई चेतावनी, पुल और पावर प्लांट बताए संभावित निशाने

‘समझौता करो, वरना कार्रवाई होगी’… ट्रंप की ईरान को नई चेतावनी, पुल और पावर प्लांट बताए संभावित निशाने

अंतरराष्ट्रीय
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए संकेत दिया है कि यदि तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता, तो उसके अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने की स्थिति में पुलों, बिजली संयंत्रों और अन्य रणनीतिक ठिकानों पर हमला किया जा सकता है। फॉक्स न्यूज को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिलहाल कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है, लेकिन यदि बातचीत विफल रहती है तो सैन्य विकल्प खुले रहेंगे। 'डील नहीं हुई तो कार्रवाई पूरी करेंगे' इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान समझौता करने से इनकार करता है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है। उनका कहना था कि ऐसे हमलों के बाद प्रभावित ढांचे को दोबारा तैयार करने में ईरान को कई वर्ष लग सकते हैं। उन्ह...
सिर पर बनने लगीं दिमाग जैसी सिलवटें, डॉक्टर भी रह गए हैरान; 11 महीने के इलाज के बाद बदली युवक की जिंदगी

सिर पर बनने लगीं दिमाग जैसी सिलवटें, डॉक्टर भी रह गए हैरान; 11 महीने के इलाज के बाद बदली युवक की जिंदगी

अंतरराष्ट्रीय
बीजिंग। चीन के 23 वर्षीय एक युवक की दुर्लभ बीमारी इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बीमारी के कारण उसके सिर की त्वचा असामान्य रूप से मोटी होती चली गई और उस पर इतनी गहरी सिलवटें बन गईं कि सिर की बनावट इंसानी दिमाग जैसी दिखाई देने लगी। लंबे समय तक इलाज की कोशिशों के बाद आखिरकार डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी कर युवक को नई जिंदगी दी। किशोरावस्था में शुरू हुई थी परेशानी हुनान प्रांत के रहने वाले 23 वर्षीय ली को पहली बार करीब 14 साल की उम्र में महसूस हुआ कि उनके सिर की त्वचा सामान्य नहीं है। शुरुआत में सिर के एक हिस्से में हल्की मोटाई दिखाई दी, लेकिन समय बीतने के साथ त्वचा और मोटी होती गई। धीरे-धीरे पूरे सिर पर गहरी सिलवटें बनने लगीं और उसका आकार पूरी तरह बदल गया। स्थिति ऐसी हो गई कि उनका सिर देखने में पत्थर जैसा सख्त और इंसानी मस्तिष्क की सतह जैसा दिखाई देने लगा। इस वजह से ल...
100 साल पुराने घर में छिपा था गुप्त कमरा, खोलते ही मिला खजाना;….

100 साल पुराने घर में छिपा था गुप्त कमरा, खोलते ही मिला खजाना;….

अंतरराष्ट्रीय
लंदन। यूके में एक दंपती को अपने 100 साल पुराने घर में एक गुप्त कमरा मिल गया जिसमें खजाना छिपा हुआ था। 34 साल की लीजा और उनके पति छुट्टियों में अपने पैतृक घर गए थे। यह घर लंबे समय से बंद था और वे दोनों शहर में रहने लगे थे। साफ सफाई के दौरान उन्हें फर्श पर एक जगह ईंट उठी हुई दिखी तो उन्होंने इसे हटाया। अंदर एक कमरे जैसा दिखाी दिया। इसके बाद दोनों ने इसे खोलने का फैसला किया। एक दीवार तोड़ने के बाद उन्हें अपने ही घर में एक गुप्त कमरा मिला। इस कमरे में चारों ओर कोयला ही कोयला दिखाई दे रहा था। दोनों ने सोचा कि पुराना कमरा है और इसकी साफ-सफाई करदी जाए। कोयला साफ करते समय उन्हें एक टिन बॉक्स मिला जिसमें जंग लगा हुआ था। उन्होंने सोचा पुराना बेकार हो चुका डिब्बा है और इसमें भी कोयला ही भरा होगा। ऐसे में दोनों ने उसे एक किनारे रख दिया।पुराने डिब्बे में छिपा था खजाना डैन ने बताया कि डिब्बे से अम...
यूरोप और अमेरिका जाने वाले भारतीय ध्यान दें! फोन में यह सॉफ्टवेयर हुआ तो सीधे पहुंचेंगे सलाखों के पीछे

यूरोप और अमेरिका जाने वाले भारतीय ध्यान दें! फोन में यह सॉफ्टवेयर हुआ तो सीधे पहुंचेंगे सलाखों के पीछे

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्‍ली। सोचिए, अगर एयरपोर्ट पर सिक्योरिटी अधिकारी आपसे फोन का पासवर्ड मांगे और आप अपने फोन का डेटा सुरक्षित रखने के लिए उसे वाइप (डिलीट) कर दें, तो क्या होगा? शायद आप सोचें कि डेटा आपकी प्रॉपर्टी है, लेकिन अमेरिकी सरकार के लिए यह एक बहुत बड़ा अपराध बन चुका है. अटलांटा एयरपोर्ट पर एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां GrapheneOS नाम का प्राइवेट ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अपनी प्राइवेसी की रक्षा करना कोई गुनाह है? आइए जानते हैं इस विवादित केस और इस खास एंड्रॉयड OS की पूरी कहानी.क्या है अटलांटा एयरपोर्ट का यह पूरा मामला?टलांटा के हार्ट्सफील्ड-जैकसन एयरपोर्ट पर सैम्युअल्स ट्यूनिक नाम का एक अमेरिकी नागरिक डोमिनिकन रिपब्लिक से लौटा था. बॉर्डर सिक्योरिटी अधिकारियों ने उसे रोककर उसका फोन अनलॉक करने को कहा. जब ट्यूनिक ने प...
दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जिसका रकबा मुंबई से भी ज्यादा; कई छोटे देशों से है विशाल

दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट, जिसका रकबा मुंबई से भी ज्यादा; कई छोटे देशों से है विशाल

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट की बात आते ही ज्यादातर लोग सबसे व्यस्त या सबसे ज्यादा यात्रियों वाले हवाई अड्डे के बारे में सोचते हैं। लेकिन यदि पैमाना जमीन का क्षेत्रफल हो, तो यह रिकॉर्ड सऊदी अरब के नाम दर्ज है। यहां स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (King Fahd International Airport) अपने विशाल क्षेत्रफल के कारण दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट माना जाता है। 776 वर्ग किलोमीटर में फैला है एयरपोर्ट सऊदी अरब के दम्माम शहर के पास स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट लगभग 776 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह क्षेत्रफल कई देशों और बड़े शहरों से भी अधिक है। हालांकि, इस पूरे इलाके का उपयोग वर्तमान में एयरपोर्ट संचालन के लिए नहीं किया जाता। इसका बड़ा हिस्सा भविष्य में विस्तार (एक्सपेंशन) की योजनाओं के लिए सुरक्षित रखा गया है। कई छोटे देशों से भी बड़ा इस एयरपोर्ट का कुल क्षेत्...
काला सागर में नौकरी का ऑफर मिला तो पहले सोचिए, भारत सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी; जानिए वजह

काला सागर में नौकरी का ऑफर मिला तो पहले सोचिए, भारत सरकार ने जारी की सख्त एडवाइजरी; जानिए वजह

अंतरराष्ट्रीय
नई दिल्ली। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच काला सागर (ब्लैक सी) क्षेत्र में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों और नाविकों के लिए अहम एडवाइजरी जारी की है। विदेश मंत्रालय और समुद्री प्रशासन महानिदेशालय (DGMA) ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर नौकरी स्वीकार करने से पहले जोखिम का गंभीरता से आकलन करें, क्योंकि यहां मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। भारतीय नाविकों के लिए विशेष चेतावनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि काला सागर और आसपास के समुद्री इलाकों में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अप्रैल 2026 से इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। इन हमलों में अब तक पांच भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। ऐसे में भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे इस क्षेत्र में नौकरी स्वीकार करने से पहले संभावित...
रोमानिया ने हवा में ही मार गिराया संदिग्ध रूसी ड्रोन…. 3 दिन में तीसरी बार घुसपैठ की कोशिश

रोमानिया ने हवा में ही मार गिराया संदिग्ध रूसी ड्रोन…. 3 दिन में तीसरी बार घुसपैठ की कोशिश

अंतरराष्ट्रीय
कीव। रोमानिया (Romania) ने रविवार को अपने हवाई क्षेत्र में घुसे एक संदिग्ध रूसी ड्रोन (Russian Drone) को मार गिराया। यह लगातार तीन दिनों में तीसरी ऐसी घटना है, जब यूरोपीय संघ (EU) और नाटो (NATO) सदस्य देश रोमानिया (Romania) के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ हुई। देश के राष्ट्रपति ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। ड्रोन को कैसे मार गिराया गया?नाटो के परिचालन नियंत्रण के तहत फेटेस्टी एयरबेस से रोमानियाई वायुसेना के दो F-16 लड़ाकू विमान तत्काल उड़ान भरकर पहुंचे और काला सागर (Black Sea) के ऊपर उस ड्रोन को मार गिराया। राष्ट्रपति ने क्या कहा?रोमानिया के राष्ट्रपति निकुशोर दान ने कहा कि आज सुबह 10:13 बजे रोमानियाई वायुसेना के एक F-16 विमान ने सुलीना-चिलिया क्षेत्र में रोमानिया के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के ऊपर एक नए ड्रोन को मार गिराया। रा...
वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से 2 फीट तक खिसकी धरती… NISAR सैटेलाइट ने किया खुलासा

वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों से 2 फीट तक खिसकी धरती… NISAR सैटेलाइट ने किया खुलासा

अंतरराष्ट्रीय
कराकस । वेनेजुएला (Venezuela) में पिछले महीने आए दो शक्तिशाली भूकंपों (Earthquakes) को लेकर इसरो (ISRO) और नासा (NASA) के संयुक्त मिशन NISAR सैटेलाइट ने बड़ा खुलासा किया है. सैटेलाइट डेटा के विश्लेषण से पता चला है कि इस भीषण भूकंप के कारण कई जगहों पर जमीन लगभग 60 सेंटीमीटर यानी 2 फीट तक खिसक गई, जिसके कारण राजधानी कराकस (Caracas) और ला गुएरा (La Guaira) में भीषण तबाही मची। वैज्ञानिकों ने 24 जून को आए भूकंप से पहले और बाद में NISAR सैटेलाइट से ली गई पृथ्वी की तस्वीरों का अध्ययन किया. इसके लिए 13 और 18 जून की तस्वीरों की तुलना 25 और 30 जून को लिए गए डेटा से की गई, ताकि भूकंप के बाद जमीन की सतह में हुए बदलाव का पता लगाया जा सके। बता दें कि 24 जून को उत्तरी वेनेजुएला में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था. इसके 39 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का एक और शक्तिशाली भूकंप आया. इन भूकंपों में 5,000 से अधिक ...